नई दिल्ली: GST परिषद ने 3 सितंबर 2025 को आम लोगों के लिए राहत भरे फैसले लिए। अब दूध, पनीर, पराठा, खाखरा और सादी रोटी जैसी जरूरी चीजों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। पहले पराठे पर 18% टैक्स था, जो अब शून्य हो गया है। मक्खन, घी, सूखे मेवे, नमकीन, फलों का रस, आइसक्रीम और मिठाइयों पर टैक्स 12-18% से घटकर 5% हो गया है। ये कदम घरेलू खर्च बढ़ाने और आर्थिक दबाव कम करने की दिशा में उठाया गया है।
छात्रों और परिवारों को राहत
छात्रों के लिए भी अच्छी खबर है। पेंसिल, नोटबुक, रबड़ और शार्पनर अब टैक्स-मुक्त होंगे। शैम्पू, साबुन, टूथपेस्ट और हेयर ऑयल जैसे रोजमर्रा के उत्पादों पर टैक्स 18% से घटकर 5% हो गया है। इससे परिवारों का बजट संतुलित रखने में मदद मिलेगी।
गाड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक्स पर टैक्स में कटौती
350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें, छोटी पेट्रोल-डीजल कारें (1,200-1,500 सीसी), और एलपीजी-सीएनजी वाहनों पर टैक्स 28% से घटकर 18% हो गया है। एयर कंडीशनर, टीवी, और डिशवॉशर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान भी सस्ते होंगे। हालांकि, लग्जरी कारें, 350 सीसी से बड़ी बाइक और निजी विमान 40% टैक्स स्लैब में रहेंगे। इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5% टैक्स बना रहेगा।
स्वास्थ्य बीमा और सीमेंट पर राहत
स्वास्थ्य और जीवन बीमा के प्रीमियम पर अब जीएसटी नहीं लगेगा, जिससे बीमा लेना सस्ता हो जाएगा। सीमेंट पर टैक्स 28% से घटकर 18% हो गया है, जिससे निर्माण लागत कम होगी।
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तंबाकू और जुए पर सख्ती
तंबाकू, सिगरेट, पान मसाला, और गुटखा पर 28% टैक्स और क्षतिपूर्ति उपकर जारी रहेगा। कसीनो, जुआ और ऑनलाइन गेमिंग पर 40% टैक्स लगेगा।
कब से लागू होंगे नए नियम?
ये बदलाव 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे। सरकार का लक्ष्य आम लोगों, किसानों, और छोटे व्यापारियों को राहत देना है।



