मानसून सत्र: हंगामेदार रही शुरुआत, 4 बजे फिर बैठेगी लोक सभा

संसद के मॉनसून सत्र का आगाज सोमवार को बेहद हंगामेदार रहा। सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगमा किया। सरकार ने कहा है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है।

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नई दिल्ली: संसद के मॉनसून सत्र का आगाज सोमवार को बेहद हंगामेदार रहा। सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने जोरदार हंगमा किया। तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए विपक्षी सांसदों ने पहलगाम हमले, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता के दावों, बिहार में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण, मणिपुर, चीन जैसे विषयों पर नारेबाजी कर चर्चा की मांग की। जिस समय विपक्ष हंगाम कर रहा था, उस प्रश्नकाल चल रहा था।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से शांत होकर बैठने के लिए कहा, लेकिन जब वे लोग नहीं माने तो लोस अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही को चार बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। ऑपरेशन सिंदूर के अलावा भी ऐसे कई मद्दे हैं, जिनपर विपक्ष चर्चा कराने की मांग कर रहा है। हालांकि, सरकार ने कहा है कि वह सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इससे पहले सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परंपरागत रूप से मीडिया को संबोधित किया था। यह मानसून सत्र 21 अगस्त तक चलेगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर 14 और 15 अगस्त को संसद की कार्यवाही नहीं होगी। पूर सत्र के दौरान कुल 21 बैठकें होंगी।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, सवाल यह है कि रक्षा मंत्री को सदन में बोलने की इजाजत है, लेकिन विपक्ष के सदस्यों, जिनमें वह भी शामिल हैं। मैं नेता विपक्ष हूं और मुझे को बोलने की अनुमति नहीं है। यह एक नया अप्रोच है। उन्होंने कहा कि परंपरा कहती है कि अगर सरकार की ओर से लोग बोल सकते हैं तो हमें भी बोलने की जगह दी जानी चाहिए। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार हैं, तो उन्हें विपक्ष के नेता को बोलने देना चाहिए।

सरकार चर्चा के लिए तैयार : राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री ने राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्ष की ओर से उठाए गए सभी सवालों को लेकर सरकार चर्चा के लिए तैयार है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने सभी सांसदों से शांतिपूर्वक संसद चलाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। पीठासीन अध्यक्ष जगदंपिका पाल ने सभी से संयम बरतने के अनुरोध किया।

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर नियम  267 के तहत नोटिस दिया है। पहलगाम हमला 22 अप्रैल को हुआ था, इसमें शामिल रहे आतंकी पकड़े नहीं गए और मारे भी नहीं गए। हम ये जानना चाहते हैं कि आखिर उन आतंकियों का क्या हुआ। खरगे ने कहा कि हमने उस समय कोई सवाल न उठाते हुए सत्ता पक्ष को पूरा समर्थन दिया। मैं चाहता हूं कि पहलगाम हमले में अब तक आतंकी पकड़े गए या नहीं, आखिर उनका क्या हुआ, ये तो सरकार को बताना चाहिए।

मल्लिकार्जुन खरगे के सवालों पर जेपी नड्डा ने संसद के उ‘च सदन में अपना जवाब दिया। नड्डा ने कहा कि सबसे पहले मैं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को उनके जन्मदिन की बहुत बधाई देता हूं। मैं उनसे ये निवेदन करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष के नियम 267 को लेकर उनके ऑब्जर्वेशन का भी जिक्र किया। वो ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करने लगे। नड्डा ने कहा कि तर्क में अपनी ताकत होती है चिल्लाने की जरूरत नहीं होती।

संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन हंगामे के बीच रा’यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि हम ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा करेंगे, जरूर करेंगे। सभी बिंदुओं को देश और दुनिया के सामने रखा जाएगा। आज तक आजादी के बाद ऐसा ऑपरेशन देश में नहीं हुआ, जैसा पीएम मोदी के कार्यकाल में किया। ऑपरेशन सिंदूर पर हम चर्चा करेंगे।

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