नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह दस्तावेज देश की कृषि और ग्रामीण भारत की मजबूती, स्थिरता और निरंतर प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने इन दोनों क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं।
कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति
चौहान ने बताया कि पिछले पाँच वर्षों में कृषि एवं सहायक क्षेत्रों की औसत वार्षिक विकास दर 4.4 प्रतिशत रही है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2016 से 2025 के बीच कृषि क्षेत्र की दशकीय वृद्धि दर 4.45 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अब तक की सर्वाधिक है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भी कृषि क्षेत्र ने 3.5 प्रतिशत की विकास दर हासिल की, जो इसकी मजबूती को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। चावल, गेहूं, मक्का और मोटे अनाज (श्री अन्न) की बेहतर पैदावार से यह उपलब्धि संभव हुई है। भारत अब खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ कई फसलों में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन चुका है।
बागवानी बना कृषि विकास का उज्ज्वल पक्ष
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कृषि सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ बागवानी क्षेत्र कृषि विकास का सबसे उज्ज्वल पक्ष बनकर उभरा है।
2024-25 में बागवानी उत्पादन 367.72 मिलियन टन तक पहुंच गया, जो 2013-14 में 280.70 मिलियन टन था।
इसमें फलों का उत्पादन 114.51 मिलियन टन, सब्जियों का 219.67 मिलियन टन और अन्य बागवानी फसलों का 33.54 मिलियन टन शामिल है।
उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक देश है और वैश्विक उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत योगदान देता है। साथ ही सब्जियों, फलों और आलू के उत्पादन में भारत दुनिया में दूसरे स्थान पर है।
ग्रामीण भारत में ऐतिहासिक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
ग्रामीण विकास पर बोलते हुए श्री चौहान ने कहा कि सड़कों, आवास, पेयजल और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र बसावटों को ऑल-वेदर सड़कों से जोड़ा जा चुका है। पीएमजीएसवाई-IV के अंतर्गत 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों को मंजूरी दी गई है, जिससे कई राज्यों की हजारों असंबद्ध बसावटों को लाभ मिलेगा।
आवास, डिजिटल सशक्तिकरण और आजीविका में बदलाव
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 3.70 करोड़ पक्के मकान बनाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 4.14 करोड़ घरों का लक्ष्य तय किया गया है।
डिजिटल पहल के तहत स्वामित्व योजना में 3.28 लाख गांवों का ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है और 2.76 करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए गए हैं।
वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं और ‘लखपति दीदी’ की संख्या 2.5 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण यह प्रमाणित करता है कि भारत का कृषि और ग्रामीण क्षेत्र देश की विकास यात्रा की मजबूत नींव बना हुआ है।



