नई दिल्ली: राजधानी में आने वाले महीनों में यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदलने वाली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली मेट्रो और उससे जुड़ी सड़क एवं फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए साफ संकेत दिया है कि सरकार अब इन परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। उनका कहना है कि दिल्ली में आधुनिक और मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि लोगों को जाम से राहत मिले और प्रदूषण पर भी काबू पाया जा सके।
बैठक में मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
बैठक में मौजूद दिल्ली मेट्रो रेल निगम के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि दिल्ली मेट्रो का मौजूदा नेटवर्क पहले ही 416 किलोमीटर तक फैल चुका है और अब इसका विस्तार और तेज़ी से किया जा रहा है। फेज-IV के तहत कई महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर काम लगभग पूरा होने की स्थिति में है और दिसंबर 2026 तक इन्हें चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन कॉरिडोरों के शुरू होने से दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे लोगों का सफर आसान और तेज हो जाएगा।
मेट्रो के साथ सड़क और फ्लाईओवर परियोजना भी जरूरी
मेट्रो विस्तार के साथ-साथ सरकार सड़क और फ्लाईओवर परियोजनाओं को भी समान महत्व दे रही है। कई जगहों पर डबल-डेकर फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं, जहां एक ही संरचना में ऊपर मेट्रो और नीचे सड़क यातायात चलेगा। यह मॉडल न केवल जगह की बचत करता है बल्कि ट्रैफिक के दबाव को भी काफी हद तक कम करने में मददगार साबित होगा। आजादपुर से त्रिपोलिया चौक और यमुना विहार से भजनपुरा जैसे इलाकों में चल रहे निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और इनका अधिकांश काम पूरा हो चुका है।
फ्लाईओवर और अंडरपास का कार्य शुरू
दक्षिण दिल्ली में भी बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी दिखाई दे रही है। एमबी रोड और उसके आसपास के क्षेत्रों में फ्लाईओवर और अंडरपास बनाए जा रहे हैं, जिससे इस इलाके में लंबे समय से बनी ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, इन परियोजनाओं के रास्ते में जमीन अधिग्रहण, पेड़ों की कटाई और पुरातात्विक अनुमति जैसी कुछ अड़चनें सामने आई हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि इन्हें जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।
इसी के साथ भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई परियोजनाओं की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। यमुना के किनारे वजीराबाद से डीएनडी तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को राजधानी के ट्रैफिक के लिए एक बड़ा समाधान माना जा रहा है। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो पूर्वी और मध्य दिल्ली के बीच यातायात का दबाव काफी हद तक कम हो सकता है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इन सभी परियोजनाओं का मकसद सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों के जीवन को आसान बनाना है। उनका कहना है कि जब मेट्रो नेटवर्क और सड़क ढांचा एक साथ मजबूत होगा, तो न केवल यात्रा का समय घटेगा बल्कि प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। कुल मिलाकर, अगर योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो दिसंबर 2026 तक दिल्ली की सड़कों और मेट्रो नेटवर्क में ऐसा बदलाव दिख सकता है, जो राजधानी की रफ्तार और जीवनशैली दोनों को नई दिशा देगा।



