नई दिल्ली: दिल्ली NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 11 नवंबर को हाईलेवल बैठक की अध्यक्षता की। यह इस तरह की चौथी बैठक थी। इसमें दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सरदार मंजिंदर सिंह सिरसा भी मौजूद रहे। मंत्री ने सभी संबंधित राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए की गई ठोस कार्रवाइयों की रिपोर्ट मांग ली। बैठक में सीएक्यूएम, सीपीसीबी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सरकारें, एनसीआर शहरों के नगर आयुक्त और अन्य एजेंसियां शामिल हुईं।
पराली जलाने पर सख्ती
केंद्रीय मंत्री यादव ने जिला स्तर पर फसल अवशेष प्रबंधन (पराली) की योजना बनाने को कहा। पराली जलाने की घटनाओं पर साल भर निगरानी रखने के निर्देश दिए। किसानों को पराली प्रबंधन मशीनें चलाने की ट्रेनिंग देने और इन मशीनों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पराली जलाना प्रदूषण का बड़ा कारण है, इसे पूरी तरह रोकना जरूरी है।
कचरा जलाने पर जीरो टॉलरेंस
केंद्रीय मंत्री यादव ने नगर निकायों से नगर ठोस कचरा (एमएसडब्ल्यू) को खुले में जलाने पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने को कहा। पुराने कचरा ढेरों को जल्दी साफ करने के लिए सख्त समयसीमा बनाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से अलग-अलग काम न करने, बल्कि एक-दूसरे की अच्छी प्रथाओं को साझा करने की अपील की।
उद्योगों में प्रदूषण नियंत्रण उपकरण
लाल श्रेणी के उद्योगों में ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओसीईएमएस) और वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (एपीसीडी) लगाने को मिशन मोड में पूरा करने को कहा। सड़क धूल कम करने के लिए एनसीआर के शहरी और औद्योगिक इलाकों में सड़क पुनर्विकास की योजना की समीक्षा की। सड़क निर्माण की गुणवत्ता और समय पर पूरा होने पर जोर दिया।
निर्माण कचरा और हरियाली
निर्माण एवं विध्वंस कचरा (सीएंडडी) के संग्रह और प्रसंस्करण में कमी को दूर करने को कहा। सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें। सड़क किनारे हरियाली बढ़ाने के लिए मिशन मोड में काम करने की सलाह दी। नगर निगमों को वन विभाग के साथ मिलकर नर्सरी में पौधे तैयार करने और खराब जंगल भूमि पर बड़े पैमाने पर रोपण करने को कहा, ताकि हरा आवरण बढ़े।/
ट्रैफिक जाम से बचाव
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से ट्रैफिक जाम वाले हॉटस्पॉट के लिए प्रबंधन योजना बनाने और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) को जल्द लागू करने को कहा। इससे वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम होगा।
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सरकार का संकल्प
केंद्रीय मंत्री यादव ने कहा कि सरकार क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है। नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। बैठक में सभी पक्षों ने सहमति जताई कि समन्वित कार्रवाई से ही प्रदूषण कम होगा। यह बैठक साफ संकेत देती है कि अब केवल योजना नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहिए। एनसीआर में सांस लेने लायक हवा के लिए हर स्तर पर सख्ती और सहयोग जरूरी है।



