नई दिल्ली | राजधानी में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को केंद्र सरकार की ‘राह-वीर योजना’ को दिल्ली में भी लागू करने की घोषणा की। इस योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
‘गोल्डन ऑवर’ में सहायता बनेगी जीवनदायिनी
मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा (गोल्डन ऑवर) जीवन और मृत्यु के बीच सबसे निर्णायक समय होता है।
उन्होंने कहा, “अक्सर लोग पुलिसिया कार्रवाई और कानूनी उलझनों के डर से पीड़ितों की मदद करने से कतराते हैं। यह योजना न केवल उस भय को दूर करेगी, बल्कि नागरिकों को आगे आकर मानवता दिखाने के लिए प्रोत्साहित भी करेगी।”
योजना की प्रमुख विशेषताएं और पुरस्कार:
- नकद पुरस्कार: गंभीर दुर्घटना में घायल को ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचाने पर 25,000 रुपये दिए जाएंगे।
- राष्ट्रीय सम्मान: वर्ष भर में चुने गए सर्वश्रेष्ठ 10 ‘राह-वीरों’ को राष्ट्रीय स्तर पर 1-1 लाख रुपये का विशेष पुरस्कार मिलेगा।
- कानूनी संरक्षण: मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 के तहत मदद करने वालों को पूरा कानूनी संरक्षण प्राप्त होगा।
- पारदर्शिता: पुरस्कार राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर की जाएगी।
जिला स्तर पर होगी निगरानी
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिल्ली में जिला स्तरीय मूल्यांकन समितियां गठित की जाएंगी। इस समिति में जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। यह समिति प्रत्येक मामले की जांच कर पात्र ‘राह-वीर’ का चयन करेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘राह-वीर’ योजना दिल्ली की सड़कों पर संवेदनशीलता की एक नई संस्कृति विकसित करेगी और असमय होने वाली मौतों के आंकड़ों को कम करने में मील का पत्थर साबित होगी।



