नई दिल्ली: इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ दिल्ली (आईएफएफडी) 2026 का चौथा दिन अब तक का सबसे शानदार और जीवंत दिन साबित हुआ। पूरे दिन राजधानी में सिनेमा का उत्सव सा माहौल रहा, जहां एक ओर बड़े-बड़े सितारों की मौजूदगी ने आकर्षण बढ़ाया, वहीं दूसरी ओर फिल्मों की स्क्रीनिंग के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ती रही।

फेस्टिवल में शेखर कपूर, दिव्या दत्ता, संयुक्ता मेनन, खुशबू सुंदर, अर्जन बाजवा और रितुपर्णा सेनगुप्ता जैसे नामी सितारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। इन सितारों को देखने और उनसे जुड़ने के लिए अलग-अलग स्थानों पर दर्शकों की भीड़ जुटी रही, जिससे पूरे दिन फेस्टिवल का माहौल जोश से भरा रहा।

फिल्मों से दर्शक आकर्षित
भारत मंडपम में आयोजित स्क्रीनिंग्स के दौरान हॉल खचाखच भरे नजर आए। ‘विरूपाक्ष’, ‘पुरातन’ और ‘अरनमनई 4’ जैसी फिल्मों ने सुबह से ही दर्शकों को आकर्षित किया, जबकि शाम के समय ‘जन गण मन’ को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इसके साथ ही ‘बहुरूपी’, ‘मां’ और ‘गुरु नानक जहाज’ जैसी फिल्मों की समानांतर स्क्रीनिंग ने यह दिखाया कि फेस्टिवल विविध भाषाओं और विषयों को बराबर महत्व दे रहा है।
चौथे दिन की जबरदस्त भीड़, उत्साह और विविध कार्यक्रमों ने आईएफएफडी 2026 को दिल्ली में सिनेमा के एक बड़े और जीवंत उत्सव के रूप में और मजबूती से स्थापित कर दिया है।

‘डेमन हंटर्स’ ने दर्शकों का खींचा ध्यान
खास तौर पर ताइवान और भारत की संयुक्त फिल्म ‘डेमन हंटर्स’ ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसमें कुंग फू एक्शन और भारतीय सिनेमाई भव्यता का अनोखा मेल देखने को मिला, जिसने इसे दिन की चर्चित फिल्मों में शामिल कर दिया।

एक्सपो भी बना आकर्षण का केंद्र
फिल्मों के अलावा आईएफएफडी एक्सपो भी पूरे दिन आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहां फिल्म से जुड़े विभिन्न स्टॉल, इंस्टॉलेशन और सांस्कृतिक प्रदर्शनियों के जरिए लोगों को सिनेमा की दुनिया से जुड़ने का मौका मिला। फिल्म निर्माताओं, संस्थाओं और दर्शकों के बीच संवाद का यह मंच फेस्टिवल को एक व्यापक सांस्कृतिक आयोजन में बदलता नजर आया।
चौथे दिन का एक प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध सिनेमैटोग्राफर के. के. सेंथिल कुमार की मास्टरक्लास रही। इसमें बड़ी संख्या में फिल्म निर्माता, छात्र और सिनेमा प्रेमी शामिल हुए। उन्होंने फिल्म निर्माण में निर्देशक के दृष्टिकोण के महत्व और टीमवर्क की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की, जिसे उपस्थित लोगों ने काफी सराहा।



