नई दिल्ली | मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यकाल का एक सफल वर्ष पूर्ण होने की पूर्व संध्या पर आज दिल्ली सरकार और भाजपा संगठन ने राजधानी को ‘अटल कैंटीन’ की बड़ी सौगात दी है।
‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को दोहराते हुए आज दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 25 नई अटल कैंटीनों का लोकार्पण किया गया, जिसके बाद दिल्ली में इनकी कुल संख्या अब 71 हो गई है।

एलजी और सीएम ने खिलाया खाना
कृष्णा नगर विधानसभा में आयोजित मुख्य समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शिरकत की।
यहां झुग्गी-बस्ती और श्रमिक बहुल इलाकों के लिए कैंटीन का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष दीपक गाबा और निगम पार्षद संदीप कपूर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

चुनावी घोषणापत्र का वादा हुआ पूरा: वीरेन्द्र सचदेवा
उधर, कस्तूरबा नगर विधानसभा में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा ने विधायक नीरज बसोया की उपस्थिति में कैंटीन का लोकार्पण किया। सचदेवा ने गर्व से कहा, “हमने 2025 के चुनावी घोषणापत्र में जो वादा किया था, उसे आज पूरा कर रहे हैं। ये 71 कैंटीनें दिल्ली के गरीब, रिक्शा चालक और दिहाड़ी मजदूरों के लिए सबसे बड़ा संबल बन रही हैं।”
उन्होंने इसे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के ‘अंत्योदय’ विचार की जीत बताया।
जमीनी स्तर पर फीडबैक
आज का दिन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि सरकार और संगठन के शीर्ष नेताओं ने केवल फीता नहीं काटा, बल्कि सभी 71 केंद्रों पर जाकर लाभार्थियों के साथ बैठकर भोजन किया और उनसे संवाद किया।
विजेंद्र गुप्ता, प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, बांसुरी स्वराज और आर.पी. सिंह जैसे दिग्गजों ने अलग-अलग केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और जनता से फीडबैक लिया।
इन क्षेत्रों को मिला नया ‘अटल सहारा’
दिल्ली के लगभग सभी प्रमुख जिलों के विधायकों, जिनमें कपिल मिश्रा, हरीश खुराना, अभय वर्मा और डॉ. अनिल गोयल शामिल हैं, के क्षेत्रों में इन नई कैंटीनों की शुरुआत हुई।
इन केंद्रों पर स्वच्छता और पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि कम लागत में श्रमिकों और छात्रों को घर जैसा संतुलित आहार मिल सके।



