नई दिल्ली: केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने अपने कर्मियों का मनोबल बढ़ाने और उनकी दीर्घकालिक, अनुशासित एवं समर्पित सेवा को औपचारिक मान्यता देने के उद्देश्य से ‘सीनियर कांस्टेबल’ के लिए एक विशिष्ट चिन्ह (इंसिग्निया) की शुरुआत की है। यह कदम बल के भीतर अनुभव और योगदान को सम्मानजनक पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नयी दिल्ली स्थित CISF मुख्यालय द्वारा जारी औपचारिक आदेश के तहत कुल 32,545 कांस्टेबलों को यह विशिष्ट चिन्ह धारण करने के लिए अधिकृत किया गया है। इस पहल की औपचारिक शुरुआत के अवसर पर 50 कांस्टेबलों के लिए एक गरिमामय पिनिंग समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बल के महानिदेशक परवीर रंजन उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए महानिदेशक ने कांस्टेबलों की लंबी, स्वच्छ और समर्पित सेवा की सराहना की। उन्होंने बल दिया कि कर्मी भविष्य में भी इसी उत्साह, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्र सेवा में जुटे रहें। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चुनौतीपूर्ण कार्य परिस्थितियों में परिवारों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

MACP योजना के तहत पात्र कर्मियों को मिलेगा चिन्ह
यह विशिष्ट चिन्ह दाहिने हाथ की बाँह पर धारण किया जाएगा। इसे उन कांस्टेबलों को प्रदान किया जाएगा जिन्हें MACP योजना के अंतर्गत प्रथम वित्तीय उन्नयन प्राप्त हुआ है। इस योजना के तहत समान पद पर 10 वर्ष की निरंतर सेवा और स्वच्छ सेवा अभिलेख वाले कर्मी पात्र माने जाते हैं।

अब तक नव-प्रशिक्षित कांस्टेबल और दस वर्ष से अधिक अनुभव रखने वाले कांस्टेबल समान वर्दी पहनते थे। इस नई व्यवस्था से अनुभवी और नवागत कर्मियों के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित होगा तथा अनुभवी कांस्टेबलों को उनके योगदान के अनुरूप सम्मानजनक पहचान मिलेगी।
अन्य पदों के लिए भी प्रस्ताव
महानिदेशक ने जानकारी दी कि अन्य स्थिर पदों पर कार्यरत कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए गृह मंत्रालय को भी प्रस्ताव भेजे गए हैं। इनमें एएसआई को उपनिरीक्षक (कार्यकारी) का स्थानीय रैंक तथा निरीक्षकों को सहायक कमांडेंट का स्थानीय रैंक प्रदान करने का प्रस्ताव शामिल है।

इस पहल को बल के भीतर प्रेरणा, गौरव और पहचान की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



