UPSC की दो कोचिंग पर CCPA की कार्रवाई, लगाया 8 लाख का जुर्माना

CCPA ने दीक्षांत IAS और अभिमन्यु IAS संस्थानों पर 8-8 लाख का जुर्माना लगाया है। CCPA ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन छात्रों के Right of consumers to make informed decisions का हनन करते हैं।

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नई दिल्ली: IAS की तैयारी कराने वाले दो कोचिंग संस्थानों को भ्रामक प्रचार करने का दोषी पाते हुए केन्द्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने आठ-आठ लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। दोनों संस्थानों पर ऐसे अभ्यर्थियों का चेहरा लगाकर प्रचार करने का दोषी पाया गया है, जिन्होंने इस संस्थान से पढ़ाई की ही नहीं थी। इससे पहले भी अक्टूबर महीने के पहले सप्ताह में दृष्टि आईएएस पर भी प्राधिकरण की ओर से 5 लाख का जुर्माना लगाया गया था।

क्या है दीक्षांत IAS का मामला

CCPA को सफल अभ्यर्थी मिनी शुक्ला (AIR 96, UPSC CSE 2021) का आवेदन मिला, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके नाम और तस्वीर का उपयोग उनकी सहमति के बिना दीक्षांत आईएएस की प्रचार सामग्री में किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संस्थान से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं था और उन्होंने केवल चहल अकादमी के एक मॉक इंटरव्यू में भाग लिया था, जो बाद में दीक्षांत आईएएस के साथ संयुक्त रूप से आयोजित बताया गया।

जांच में पाया गया कि दीक्षांत आईएएस ने “UPSC CSE 2021 में 200+ परिणाम” का दावा करते हुए विज्ञापन जारी किए थे, जिनमें कई सफल उम्मीदवारों की तस्वीरें और नाम शामिल थे। हालांकि, संस्थान उन छात्रों द्वारा लिए गए वास्तविक पाठ्यक्रमों या सेवाओं का प्रमाण देने में विफल रहा।

प्राधिकरण ने पाया कि यह दावा भ्रामक और अधूरा था, जिससे छात्रों को गलत धारणा बनी कि संस्थान ने उनकी पूरी परीक्षा तैयारी में भूमिका निभाई।

क्या है अभिमन्यु IAS का मामला

इसी तरह, नताशा गोयल (AIR 175, UPSC CSE 2022) के आवेदन पर अभिमन्यु आईएएस के खिलाफ कार्रवाई की गई। संस्थान ने उन्हें अपना छात्र बताते हुए उनके नाम और तस्वीर का विज्ञापनों में उपयोग किया, जबकि उन्होंने केवल मॉक इंटरव्यू के लिए आवेदन किया था जो बाद में आयोजित ही नहीं हुआ। CCPA ने पाया कि संस्थान ने “स्थापना से अब तक 2200+ चयन”, “IAS टॉप 10 में 10+ चयन” और “HCS/PCS/HAS में प्रथम रैंक” जैसे बढ़ा-चढ़ाकर दावे किए थे।

जांच में खुलासा हुआ कि इनमें से कई चयन पुराने वर्षों (2001–2012) के थे और छात्रों का संबंध केवल साक्षात्कार मार्गदर्शन से था। इन दावों को निराधार और भ्रामक पाया गया। संस्थान अपने दावों के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत करने में भी विफल रहा, जिससे उपभोक्ता संरक्षण कानून की धारा 2(9), 2(28) और 2(47) का उल्लंघन सिद्ध हुआ।

फर्जी विज्ञापन पर CCPA ने लिया सख्त रवैया

CCPA ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन छात्रों के right of consumers to make informed decisions अथवा “सूचित निर्णय लेने के अधिकार” का हनन करते हैं। कोचिंग संस्थान जब झूठे या अधूरे दावे करते हैं, तो छात्र अपना समय, पैसा और ऊर्जा गुमराह होकर निवेश कर देते हैं।

प्राधिकरण ने सभी सफल अभ्यर्थियों से अपील की है कि यदि कोई संस्थान उनके नाम या तस्वीर का अनधिकृत उपयोग करे, तो इसकी तुरंत शिकायत करें।

अब तक CCPA ने विभिन्न कोचिंग संस्थानों को 57 नोटिस जारी कर चुका है और 27 संस्थानों पर ₹98.6 लाख से अधिक का जुर्माना लगा चुका है।

Kuldeep Dwivedi

kuldeepd999@gmail.com

NewG India का अनुभवी चेहरा, 2017 में RGPV से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। सिविल सर्विसेज कोच और लेखक के तौर पर शिक्षाकुल, एग्जामपुर, कॉसमॉस पब्लिकेशन जैसे अनेक संस्थानों में काम करने का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में NewG India में एंकर एवं रिसर्च स्कॉलर के तौर पर कार्य कर रहे हैं।

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