बीमा सखी योजनाः आठ महीने में दो लाख महिलाओं के सपनों को लगे पंख

महिलाओं को सशक्त करने के लिए केंद्र सरकार की पहल रंग दिखा रही है। महिला सखी योजना और लखपति दीदी योजना इसमें बेहतर साबित हुई हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी जानकारी दी है।

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रहने वाली नरगिश (बदला हुआ नाम) जब जो चाहती, खरीद लेती थीं लेकिन छह महीने पहले एक हादसे ने उन्हें पैसे-पैसे के लिए मोहताज कर दिया। हुआ यूं कि 10 जनवरी को रोड एक्सिडेंट में उनके पति बुरी तरह घायल हो गए। उनके इलाज में सारी जमा पूंजी खत्म होगी और वह बचे भी नहीं। इसमें नरगिश के सारे गहने बिक गए बिक गए। हाउसवाइफ होने के नाते उनके सामने आर्थिक कमजोरी हिमालय-सी खड़ी थी।
इस दौरान उन्हें सखी मिली ‘बीमा सखी योजना’। इससे वह जुड़ीं और अब जिंदगी की गाड़ी चल पड़ी। उनकी काफी हद तक जरूरतें पूरी हो रही हैं। 9 दिसंबर 2024 को शुरू हुई यह योजना सिर्फ नरगिश के लिए आशा की किरण नहीं है, देश की लाखों महिलाओं को राह मिली है। अब तक इससे दो लाख महिलाएं जुड़ चुकी हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बीमा सखी योजना न केवल महिला सशक्तिकरण बल्कि ग्रामीण भारत और अर्ध शहरी क्षेत्रों को आर्थिक सुरक्षा मुहैया कराने की दिशा में मिल का पत्थर साबित होगा। 

क्या है योजना
केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भारत सरकार के मिशन ‘2047 तक सभी के लिए बीमा’ को साकार करने के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के साथ  थारे में यह योजना शुरू की है। इसके तहत देशभर की प्रशिक्षित स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं को ‘बीमा सखी’ के रूप में ग्राम पंचायत स्तर पर नियुक्त किया जाएगा। इससे ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगी। SDG 5 (जेंडर समानता) के लक्ष्यों और ‘लखपति दीदी मिशन’ को बल मिलेगा। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त तक देश में लखपति दीदियों की संख्या 2 करोड़ हो जाएगी।

ट्रेनिंग के बाद रहता है नौकरी का चांस
एलआईसी बीमा सखी योजना के लिए 18 से 70 साल की उम्र वाली महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। 10वीं पास महिला को प्राथमिकता दी जाती है। इसके माध्यम से आवेदन करने वाली महिला को  एलआईसी एजेंट बनने के लिए पहले तीन साल ट्रेनिंग दी जाती है। इस दौरान उनको पैसा भी दिया जाता है। पहले साल 7000, दूसरे साल 6000 रुपये और तीसरे साल 5000 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं।
इतना ही नहीं इस दौरान किसी का बीमा कराती है तो उसका कमीशन भी मिलता है। यानी दोनों तरफ से पैसा मिलता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद नौकरी का मौका भी मिलता है। इसके लिए पात्रता देखी जाती है। ग्रेजुएट महिला को अप्रेंटिस डेवलपमेंट ऑफिसर यानी एडीओ (ADO) के पद के लिए अप्लाई कर सकती हैं। ये तो नौकरी की बात हो गई। इसके अलावा महिलाएं अंतिम व्यक्ति तक बीमा योजनाएं पहुंचाएंगी। ग्रामीण परिवारों को जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और अन्य सुरक्षा योजनाओं की जानकारी देंगी। इस लोकल मॉडल से बीमा का दायरा बड़े पैमाने पर बढ़ने की उम्मीद है।

ऐसे करें आवेदन 

  • इस योजना में आवेदन करने के लिए एलआईसी के कार्यालय या वेबसाइट में फॉर्म कर सकते हैं। इसके लिए उम्र कम से कम 18 साल या इससे ज्यादा होनी चाहिए।
  • ऑनलाइन आवेदन के लिए सबसे पहले ​LIC की वेबसाइट पर जाएं।
  • LIC Bima Sakhi Yojana आवेदन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद एक फॉर्म खुलेगा। इसमें अपना नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल, शैक्षणिक योग्यता, राज्य और जिला की जानकारी भरें।
  • इसके बाद अपनी डिटेल एक बार क्रॉस चेक कर लें। इसके बाद ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
  • फॉर्म जमा होने के बाद इसका एक संदेश मिलेगा। 
  • आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद LIC के कर्मचारी आप से संपर्क करेंगे।

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