नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजधानी कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
बीजेपी के दिग्गज मौजूद
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री, सांसद और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी समेत कई प्रमुख नेता कार्यक्रम में शामिल हुए।
9th May 2026 shall be etched in history as a day of profound significance. This date will endure in memory as one that carried the weight of destiny and the promise of a new chapter of hope, dignity and good governance.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
At the iconic Brigade Parade Ground in Kolkata, the BJP… pic.twitter.com/mC6HehrkKK
मोदी का रोड शो
समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रोड शो करते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंचकर लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। प्रधानमंत्री मोदी और शुभेंदु अधिकारी ने मंच पर टैगोर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए।
In a pleasant coincidence, the oath-taking ceremony of the first-ever BJP Government in West Bengal took place on Pochishe Boishakh, the Jayanti of Gurudev Rabindranath Tagore. At the ceremony, tributes were paid to Gurudev Tagore. His timeless words have long stirred the… pic.twitter.com/Lh7Nw8py2m
— Narendra Modi (@narendramodi) May 9, 2026
ये भी बने मंत्री
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद पांच अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। नई सरकार में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश दिखाई दी, जिसमें महिला, आदिवासी और मातुआ समुदाय के नेताओं को भी शामिल किया गया है।



