नई दिल्ली। भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने प्रोफेशनल बैडमिंटन से संन्यास लेने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। उन्होंने बताया कि घुटने की पुरानी और गंभीर बीमारी के कारण अब उनके लिए प्रतिस्पर्धी स्तर पर खेलना संभव नहीं रह गया है। साइना आखिरी बार सिंगापुर ओपन 2023 में खेलती नजर आई थीं, हालांकि उस समय उन्होंने संन्यास को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की थी।
सिद्धांतों पर खेला और छोड़ा
एक पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान साइना ने कहा कि मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था। मैंने अपने सिद्धांतों पर खेल शुरू किया और अपने सिद्धांतों पर ही छोड़ा, इसलिए मुझे अलग से घोषणा जरूरी नहीं लगी। साइना ने बताया कि उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है और उन्हें आर्थराइटिस हो गया है।
उन्होंने कहा कि जब आप खेल ही नहीं पा रहे हों तो वहीं रुक जाना चाहिए। मेरे लिए आगे खेल जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया था। पहले मैं दिन में 8–9 घंटे ट्रेनिंग कर लेती थी लेकिन बाद में 1-2 घंटे में ही घुटने में सूजन आ जाती थी, जिससे अभ्यास संभव नहीं रह जाता था।
चोट के बावजूद की थी शानदार वापसी
साइना का करियर रियो ओलिंपिक के दौरान लगी घुटने की चोट से काफी प्रभावित हुआ। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और 2017 की वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर वापसी की। इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी जुझारू मानसिकता का परिचय दिया। हालांकि, घुटने की समस्या बार-बार उभरती रही। वर्ष 2024 में उन्होंने सार्वजनिक रूप से बताया था कि आर्थराइटिस के कारण शीर्ष स्तर पर खेलना लगभग असंभव हो गया है।
ओलिंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी
साइना ने लंदन ओलिंपिक 2012 में भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रचा था। वे ओलिंपिक पदक जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। उन्होंने कुल तीन ओलिंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया और कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 व 2018 में गोल्ड मेडल जीतकर भारतीय बैडमिंटन को नई पहचान दिलाई।



