नई दिल्ली: 22वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लेकर भारत की क्षेत्रीय प्रतिबद्धता को एक बार फिर मजबूत किया। मलेशियाई प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम की मेजबानी में आयोजित इस सम्मेलन में आसियान के 10 सदस्य देशों के नेता मौजूद थे, जबकि तिमोर-लेस्ते पहली बार पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हुआ। पीएम मोदी ने इसे ऐतिहासिक पल बताते हुए नए सदस्य का हार्दिक स्वागत किया और कहा, भारत मानव विकास के लिए तिमोर-लेस्ते का पूरा साथ देगा।
यह पीएम मोदी का लगातार 12वां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन था, जो उनकी ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ की निरंतरता को दर्शाता है। अपने संबोधन में पीएम ने आसियान की एकता, केंद्रीयता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति के लिए भारत के अटूट समर्थन को दोहराया। उन्होंने आसियान समुदाय विजन 2045 की सराहना की और कहा कि यह दृष्टिकोण क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा।
व्यापार और आतंकवाद पर सख्त रुख
पीएम ने भारत-आसियान मुक्त व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की शीघ्र समीक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इसकी समीक्षा से हम अपनी आर्थिक क्षमता का पूरा उपयोग कर पाएंगे और लोगों को सीधा फायदा होगा। आतंकवाद को वैश्विक शांति का सबसे बड़ा खतरा बताते हुए पीएम ने सभी देशों से एकजुट होकर लड़ने की अपील की।
मलेशिया की थीम पर बड़े ऐलान
मलेशिया की अध्यक्षता थीम समावेशीपन और स्थायित्व के समर्थन में पीएम मोदी ने कई ठोस घोषणाएं कीं:
- 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष घोषित किया जाएगा। नीली अर्थव्यवस्था में सहयोग बढ़ेगा।
- द्वितीय आसियान-भारत रक्षा मंत्रियों की बैठक और समुद्री अभ्यास आयोजित होंगे।
- नवीकरणीय ऊर्जा में 400 पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- तिमोर-लेस्ते तक त्वरित प्रभाव परियोजनाएं (क्यूआईपी) विस्तारित होंगी।
- नालंदा विश्वविद्यालय में दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र की स्थापना होगी।
- गुजरात के लोथल में पूर्वी एशिया समुद्री विरासत महोत्सव और समुद्री सुरक्षा सम्मेलन होगा।
- आपदा प्रबंधन (HADR) में भारत पहला प्रतिक्रियाकर्ता बना रहेगा।
- पर्यटन वर्ष मनाते हुए सतत पर्यटन पर संयुक्त बयान अपनाया जाएगा।
- बुनियादी ढांचा, अर्धचालक, दुर्लभ मृदा और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ेगा।
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आसियान नेताओं ने की तारीफ
आसियान नेताओं ने भारत की दीर्घकालिक दोस्ती और क्षेत्रीय जुड़ाव की सराहना की। फिलीपींस के राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर को देश-समन्वयक की भूमिका के लिए धन्यवाद दिया गया। पीएम मोदी ने मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम को वर्चुअल मेजबानी की उत्कृष्ट व्यवस्था के लिए बधाई दी। यह सम्मेलन न सिर्फ भारत-आसियान संबंधों की मजबूती का प्रतीक है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, व्यापार और सतत विकास की नई दिशा भी तय करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 का समुद्री सहयोग वर्ष दोनों पक्षों के बीच रणनीतिक विश्वास को और गहरा करेगा।



