नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को हरियाणा के रोहतक में 350 करोड़ रुपए की लागत से बने साबर डेयरी प्लांट का लोकार्पण किया। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी, केंद्रीय सहकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह समेत कई व्यक्ति उपस्थित रहे।
सबसे बड़ा डेयरी प्लांट
गृह मंत्री शाह ने इस मौके पर जनता को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश के किसानों की दशकों पुरानी अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन की मांग को पूरा करने का काम हमारी सरकार ने पूरा किया है। वर्ष 2029 तक देश में एक भी ऐसा पंचायत नहीं रहेगा, जहां सहकारिता समिति न हो। 350 करोड़ की लागत से बना साबर डेयरी देश का सबसे बड़ा दही, छाछ और योगर्ट बनाने वाला प्लांट है। यह न सिर्फ हरियाणा में बल्कि पूरे दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दुग्ध उत्पादों की जरूरतों को पूरा करेगा।
साबर डेयरी प्लांट से मिलेंगे ये लाभ
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने आगे बताया कि साबर डेयरी प्लांट में प्रतिदिन 150 मीट्रिक टन दही, 10 मीट्रिक टन योगर्ट, 3 लाख लीटर छाछ और प्रतिदिन 10 हज़ार किलो मिठाई बनेंगे। वर्तमान में साबर डेयरी राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र, पंजाब, उत्तर प्रदेश और बिहार के किसानों को लाभ पहुंचा रही है। अमूल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात में आधुनिक प्रजनन तकनीकों – भ्रूण स्थानांतरण औऱ लिंग निर्धारण पर काफी वैज्ञानिक काम हुआ है। ये दोनों तकनीकें हरियाणा के पशुपालकों को भी उपलब्ध होनी चाहिए। इसके साथ-साथ मधुमक्खी पालन औऱ जैविक खेती को भी राज्य में बढ़ावा देने की ज़रूरत है।
पशुओं की बढ़ी संख्या
गुजरात में गोबर गैस के लिए कई अच्छे प्रयोग हुए हैं और हरियाणा में भी इन प्रयोगों को लागू करने की जरूरत है। भारत के डेयरी सेक्टर की उपलब्धियों को गिनाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह पिछले 11 साल में 70 प्रतिशत की क्षमता से बढ़ा है। भारत का डेयरी सेक्टर विश्व में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला डेयरी सेक्टर बना है। 2014-15 में भारत में दूध देने वाले पशुओं की संख्या 86 मिलियन थी जो अब बढ़कर 112 मिलियन हो गई है। इसी प्रकार, दुग्ध उत्पादन 146 मिलियन टन से बढ़कर 239 मिलियन टन हो गया है। देसी नस्ल की गाय के दूध का उत्पादन 29 मिलियन टन से बढ़कर 50 मिलियन टन तक पहुंच गया है। आज भारत के लगभग 8 करोड़ किसान डेयरी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में दूध की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 124 ग्राम से बढ़कर 471 ग्राम हो चुकी है।
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75 हज़ार डेयरी समितियों की होगी स्थापना
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 के तहत आने वाले दिनों में देशभर में 75 हज़ार से अधिक डेयरी समितियों की स्थापना होगी। सरकार 46 हज़ार डेयरी कोऑपरेटिव समितियों को मज़बूत भी करेगी। वर्तमान में हमारी दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता 660 लाख लीटर प्रतिदिन है और वर्ष 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 1 हज़ार लाख लीटर तक करने का लक्ष्य रखा गया है। हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार ने तीन राष्ट्रीय सहकारी समितियां बनाईं हैं – पशु आहार के उत्पादन के लिए, गोबर के प्रबंधन के लिए औऱ मृत पशुओं के अवशेषों का सर्कुलर इकोनॉमी में उपयोग करने के लिए। इसके अलावा राष्ट्रीय गोकुल मिशन, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम शुरू किया गया है।



