अरुणाचल को जोड़ने वाली अरुणांक परियोजना का 18 वां स्थापना दिवस

2008 में बनी अरुणांक परियोजना को हापोली–सरली–हुरी सड़क जैसी अनेक परियोजनाओं के आधुनिकीकरण के लिए जाना जाता है। यह परियोजना BRO का महत्वपूर्ण भाग है।

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नई दिल्ली: सीमा सड़क संगठन (BRO) की अरुणांक परियोजना (Project Arunank) ने 24 अक्टूबर 2025 को अरुणाचल प्रदेश के नहरलागुन में अपना 18वां स्थापना दिवस मनाया। यह आयोजन भारत के सबसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण पर्वतीय इलाकों में 17 वर्षों की समर्पित सेवा और विकास की उपलब्धियों का प्रतीक रहा। आपको बता दें कि ‘प्रोजेक्ट अरुणांक’ की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी, जिसका उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम इलाकों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ना और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सशस्त्र बलों के लिए तेज़ एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। पिछले 17 वर्षों में परियोजना के अंतर्गत 696 किलोमीटर से अधिक सड़कों और 1.18 किलोमीटर प्रमुख पुलों का निर्माण एवं रखरखाव किया गया है।

इस परियोजना की हैं अनेक उपलब्धियां

अरुणांक परियोजना के द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए, जिनमे 278 किमी लंबी हापोली–सरली–हुरी सड़क को आज़ादी के बाद पहली बार तारकोल से पक्का किया गया, जिससे कुरुंग कुमेय जिले के दुर्गम इलाकों तक पहुंच संभव हुई। साथ ही सड़क निर्माण में स्टील स्लैग, कट-एंड-कवर टनल, जियो सेल्स, प्लास्टिक शीट्स, जीजीबीएफएस कंक्रीट और गैबियन वॉल्स जैसी नवीन और टिकाऊ तकनीकों का प्रयोग किया गया।

  • 2020 में हापोली–सरली–हुरी सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन मानकों के अनुरूप उन्नत किया गया।
  • 2021 में किमिन–पोटिन मार्ग को दोहरी लेन का बनाया गया।
  • 28 दिसंबर 2022 को माज़ा तक सड़क संपर्क पूरा किया गया, जो चीन सीमा के निकट वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) तक एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
  • टीसीसी–ताकसिंग सड़क का निर्माण इस वर्ष पूरा हुआ, जबकि टीसीसी–माज़ा सड़क का उद्घाटन नवंबर 2025 में प्रस्तावित है।
  • हुरी–तापा और ताकसिंग घोरा कैंप–लुंग ओपी सड़कों का कार्य 2025 के अंत तक पूरा होने की संभावना है।

स्थापना दिवस पर हुए कई आयोजन

इस दौरान स्थापना दिवस के अवसर पर नहरलागुन–जोराम टॉप–संग्राम–जीरो–नहरलागुन मार्ग पर एक मोटरेबल एक्सपेडिशन आयोजित किया गया। साथ ही सड़क सुरक्षा और कनेक्टिविटी के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देने के लिए हरित अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत 23,850 पेड़ लगाए गए। बीआरओ ने अपने श्रमिकों के अमूल्य योगदान को मान्यता देते हुए अस्थायी श्रमिकों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। इनमें बेहतर आवास, गर्म कपड़ों की सुविधा और नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर शामिल हैं।

भविष्य की योजनाओ की प्रस्तुत की रूप रेखा

BRO की भविष्य की प्राथमिकताओं में सड़क चौड़ीकरण, पुलों और सुरंगों का निर्माण, तथा नागरिक एवं रक्षा दोनों आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु अति ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ाना शामिल है। साथ ही यह संगठन अब जियो टेक्सटाइल्स, ढलान स्थिरीकरण प्रणाली, डिजिटल निगरानी उपकरण और पर्यावरण-अनुकूल निर्माण तकनीक जैसी अत्याधुनिक विधियों को अपनाकर सड़कों को अधिक मजबूत, सुरक्षित और टिकाऊ बना रहा है।

Kuldeep Dwivedi

kuldeepd999@gmail.com

NewG India का अनुभवी चेहरा, 2017 में RGPV से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। सिविल सर्विसेज कोच और लेखक के तौर पर शिक्षाकुल, एग्जामपुर, कॉसमॉस पब्लिकेशन जैसे अनेक संस्थानों में काम करने का अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में NewG India में एंकर एवं रिसर्च स्कॉलर के तौर पर कार्य कर रहे हैं।

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