नई दिल्ली: चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग (Xi Jinping) ने शनिवार को घोषणा की कि वर्ष 2026 का एपेक (APEC Summit 2026) देशों का आर्थिक नेताओं का शिखर सम्मेलन अगले साल नवंबर में शेनझेन शहर में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में एशिया और प्रशांत क्षेत्र के 21 सदस्य देशों के नेता भाग लेंगे। यह तीसरी बार होगा जब चीन इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा।
एशिया-प्रशांत देशों को सहयोग मजबूत करने का आह्वान
दक्षिण कोरिया के ग्योंग्जू में चल रहे 32वें एपेक आर्थिक नेताओं के सम्मेलन के दूसरे सत्र को संबोधित करते हुए शी चिनफिंग ने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्थाओं को आपसी लाभ के लिए सहयोग को और मजबूत करना चाहिए। उन्होंने देशों से नए अवसरों का लाभ उठाने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए एकजुट होने की अपील की। शी ने कहा कि अब समय है कि सभी राष्ट्र मिलकर एक टिकाऊ और समृद्ध भविष्य का निर्माण करें।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास पर जोर
शी चिनफिंग ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार और व्यवस्थित विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में नवाचार मानवता के कल्याण को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। चीन के राष्ट्रपति ने देशों से आग्रह किया कि वे एआई के विकास को सुरक्षित, लाभदायक और समान दिशा में आगे बढ़ाएं ताकि इसका फायदा सभी देशों को मिल सके।
विकसित देशों से सहयोग की अपील
अपने भाषण में शी चिनफिंग ने कहा कि सभी अर्थव्यवस्थाओं को समान लेकिन भिन्न जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए। उन्होंने विकसित देशों से आग्रह किया कि वे विकासशील देशों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण के माध्यम से समर्थन दें। उनका कहना था कि यही कदम वैश्विक आर्थिक संतुलन और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
शेनझेन का चयन क्यों खास है
राष्ट्रपति शी ने बताया कि अगले एपेक शिखर सम्मेलन के लिए चुना गया शेनझेन शहर कभी एक छोटा सा मछुआरों का गांव था, लेकिन बीते कुछ दशकों में यह विश्वस्तरीय तकनीकी और आर्थिक केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि शेनझेन चीन की सुधार और खुलेपन की नीति का प्रतीक है और यह स्थान एशिया-प्रशांत देशों के सहयोग के नए युग की शुरुआत का साक्षी बनेगा।
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एपेक का उद्देश्य
जानकारी के लिए बता दें कि एशिया पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) की स्थापना वर्ष 1989 में की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण, मुक्त और खुले व्यापार, और निवेश को बढ़ावा देना है। इस मंच के माध्यम से सदस्य देश एक साथ मिलकर व्यापार, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को प्रोत्साहित करते हैं।
आगामी साल शेनझेन में होने वाला एपेक शिखर सम्मेलन न केवल चीन के लिए, बल्कि पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र के लिए आर्थिक साझेदारी और तकनीकी प्रगति का नया अध्याय साबित हो सकता है।



