नई दिल्ली: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी (Washington DC Attack) से एक बड़ी घटना सामने आई है। व्हाइट हाउस (White House Shooting) से कुछ ही दूरी पर हुई गोलीबारी में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो नेशनल गार्ड जवान भी शामिल हैं। दोनों घायल जवान वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के सदस्य बताए जा रहे हैं और उस समय गश्त पर थे।
कैसे हुआ हमला?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नेशनल गार्ड के जवान व्हाइट हाउस के पास इलाके में नियमित गश्त पर थे, तभी अचानक एक हमलावर कोने से निकलकर आया और उसने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। गोलीबारी के तुरंत बाद अन्य सुरक्षा बलों ने संदिग्ध को घेर लिया और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
हमलावर की पहचान
गिरफ्तार किए गए संदिग्ध की पहचान 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल (Rahmanullah Laknawal) के रूप में हुई है, जो अफगानिस्तान का नागरिक है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लकनवाल अमेरिका में ऑपरेशन एलाइज वेलकम कार्यक्रम के तहत आया था और उसे वाशिंगटन के बेलिंगहैम क्षेत्र में बसाया गया था।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि लकनवाल वाशिंगटन राज्य में रह रहा था और वह कैसे और क्यों राजधानी तक पहुंचकर हमला करने आया, इसकी अभी जांच जारी है।
हमले के पल
अमेरिकी समाचार पत्र न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध ने लगभग दोपहर 2:15 बजे फर्गुट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास पहले इंतजार किया और फिर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उसने पहले एक महिला गार्ड को निशाना बनाया, उसके सीने और फिर सिर में गोली मारी। इसके बाद उसने दूसरे सैनिक पर भी फायरिंग की। तभी एक तीसरा गार्ड मौके पर पहुंचा और हमलावर को काबू कर लिया।
जवानों की हालत गंभीर
अधिकारियों ने बताया कि दोनों घायल सैनिकों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। हमला कितना योजनाबद्ध था और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
क्या था मकसद?
FBI इस मामले की जांच कर रही है और इसे संभावित आतंकी हमले के रूप में देखा जा रहा है। वॉशिंगटन डीसी की मेयर म्यूरिल बाउजर ने कहा कि हमलावर ने जानबूझकर नेशनल गार्ड को निशाना बनाया। फिलहाल मामले की शुरुआत से लेकर हथियार की उत्पत्ति तक हर पहलू की जांच की जा रही है।
राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया
हमले के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) फ्लोरिडा में थैंक्सगिविंग कार्यक्रम में थे। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि जिसने यह हमला किया है, उसे “बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
यह घटना अमेरिका की राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, खासतौर पर तब जब यह स्थान व्हाइट हाउस जैसे हाई सिक्योरिटी जोन के बेहद करीब है। जांच एजेंसियां हमलावर की मंशा जानने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और बड़े अपडेट सामने आ सकते हैं।



