ब्रिटेन में वीजा नियमों में बड़ा बदलाव, अब अंग्रेजी टेस्ट होगा अनिवार्य

ब्रिटेन ने वीजा नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब आवेदकों को अंग्रेजी भाषा की नई परीक्षा देनी होगी, साथ ही छात्रों और श्रमिकों के लिए आर्थिक शर्तें भी सख्त होंगी।

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नई दिल्ली: ब्रिटेन सरकार ने वीजा नियमों (UK Visa Rules) में सख्ती लाने के लिए मंगलवार को संसद में एक नया प्रस्ताव पेश किया। इसके तहत अब किसी भी आवेदक को वीजा पाने के लिए अंग्रेजी भाषा (Secure English Language Test) की नई और कठिन परीक्षा पास करनी होगी। इस परीक्षा को ‘सिक्योर इंग्लिश लैंग्वेज टेस्ट’ (SELT) नाम दिया गया है, जो 8 जनवरी 2026 से लागू की जाएगी। यह टेस्ट सभी कुशल श्रमिकों के लिए अनिवार्य होगा और इसी के परिणामों के आधार पर वीजा मंजूरी दी जाएगी।

भाषा ज्ञान होगा जरूरी 

नए नियमों के अनुसार, वीजा के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति का अंग्रेजी बोलने, पढ़ने, लिखने और सुनने का स्तर ए-लेवल या कक्षा 12 के बराबर होना चाहिए। ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद (Shabana Mahmood) ने कहा कि यह अस्वीकार्य है कि कोई प्रवासी ब्रिटेन आए और भाषा सीखे बिना यहां रहे। उन्होंने कहा, “अगर आप हमारे देश में आना चाहते हैं, तो आपको हमारी भाषा सीखनी ही होगी।”

ग्रेजुएट रूट वीजा में कटौती 

ब्रिटेन में पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश कर रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए ग्रेजुएट रूट वीजा (Graduate Route Visa) में भी बदलाव किया गया है। अभी तक छात्रों को पढ़ाई के बाद नौकरी खोजने के लिए दो साल का समय मिलता था, लेकिन 1 जनवरी 2027 से यह अवधि घटाकर 18 महीने कर दी जाएगी। हालांकि, पीएचडी स्तर के छात्रों के लिए यह अवधि पहले की तरह तीन साल ही रहेगी, जैसा कि सरकार ने पहले घोषणा की थी।

विदेशी छात्रों के लिए नई आर्थिक शर्तें 

2025-26 शैक्षणिक सत्र से छात्र वीजा के लिए विदेशी विद्यार्थियों को यह साबित करना होगा कि उनके पास ब्रिटेन में रहने और पढ़ाई के दौरान अपने खर्च चलाने के लिए पर्याप्त धनराशि है। मेंटेनेंस फंड की सीमा लंदन में 1,483 पाउंड से बढ़ाकर 1,529 पाउंड प्रति माह कर दी गई है, जबकि बाकी ब्रिटेन के हिस्सों के लिए यह राशि 1,136 पाउंड से बढ़ाकर 1,171 पाउंड प्रति माह कर दी गई है।

इमिग्रेशन स्किल चार्ज में बढ़ोतरी 

नए नियमों के तहत इमिग्रेशन स्किल चार्ज (ISC) में भी 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। यह कर उन ब्रिटिश नियोक्ताओं को देना पड़ता है जो विदेशों से कुशल श्रमिकों को नौकरी पर रखते हैं। अब छोटे और चैरिटेबल संगठनों को प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 480 पाउंड (पहले 364 पाउंड) देना होगा, जबकि मध्यम और बड़े संगठनों को 1,320 पाउंड (पहले 1,000 पाउंड) का भुगतान करना होगा। इस शुल्क वृद्धि से जुड़ी संसदीय प्रक्रिया इस सप्ताह के अंत तक शुरू हो जाएगी।

ब्रिटेन की नई नीति स्पष्ट रूप से यह संदेश देती है कि अब वहां भाषा दक्षता, वित्तीय क्षमता और कुशलता को वीजा के लिए प्रमुख मानदंड बनाया जाएगा। यह बदलाव भारतीय छात्रों और पेशेवरों सहित उन सभी प्रवासियों को प्रभावित करेगा, जो ब्रिटेन में पढ़ाई या काम करने की योजना बना रहे हैं।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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