Trump का बयान: India-Pak में तनाव घटाया, अब कंबोडिया-थाईलैंड बारी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता की। इस दौरान ट्रंप ने एक बार फिर विवादास्पद दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। 

Share This Article:

नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि भारत और पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच सैन्य तनाव को कम कराने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। रविवार को यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) के साथ हुई प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने खुद को कूटनीतिक सफलता दिलाने वाला नेता बताया और दावा किया कि वे अब कंबोडिया और थाईलैंड (Cambodia-Thailand) के बीच भी शांति स्थापित करवा सकते हैं।

अमेरिका-ईयू के बीच व्यापारिक समझौता
प्रेस वार्ता के मौके पर अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच 15 प्रतिशत टैरिफ को लेकर एक नया समझौता हुआ। यह समझौता व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया जा रहा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ प्रेस को संबोधित करते हुए ट्रंप ने इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपने विचार रखे।

कंबोडिया-थाईलैंड विवाद पर ट्रंप की चेतावनी
संवाददाता द्वारा जब कंबोडिया और थाईलैंड के बीच बढ़ते तनाव को लेकर सवाल किया गया, तो ट्रंप ने बताया कि उन्होंने इस मसले पर दोनों देशों के नेताओं से निजी रूप से बात की है। उन्होंने दोनों सरकारों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर वे शांति की पहल नहीं करते, तो अमेरिका उनके साथ कोई भी व्यापारिक करार नहीं करेगा।

ट्रंप ने कहा, “अगर भारत और पाकिस्तान जैसे दो परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच मैं समझौता करवा सकता हूं, तो कंबोडिया और थाईलैंड के मामले को सुलझाना मेरे लिए आसान होना चाहिए।”

भारत ने पहले ही नकारे ट्रंप के दावे
हालांकि ट्रंप (Donald Trump) के इस तरह के दावे पहले भी कई बार सुर्खियों में आ चुके हैं, लेकिन भारत सरकार ने हमेशा ही उन्हें खारिज किया है। भारत का स्पष्ट रुख है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई भी वार्ता या समझौता द्विपक्षीय ढांचे के भीतर होता है। भारत सरकार के अनुसार, दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों (DGMO) के बीच हुई बातचीत के बाद ही संघर्षविराम पर सहमति बनी थी। इसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं रही थी।

ट्रंप की छवि और बयानबाजी
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को उनकी विवादित और आत्मा प्रशंसात्मक बयानबाज़ी के लिए जाना जाता है। पूर्व में भी उन्होंने कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की पेशकश की थी, जिसे भारत ने स्पष्ट रूप से ठुकरा दिया था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप इन बयानों के माध्यम से खुद को एक प्रभावशाली वैश्विक नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं, विशेषकर ऐसे समय में जब उनका अगला चुनावी अभियान सक्रिय है।

भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं
अब तक भारत की ओर से ट्रंप के इस नए बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पहले दिए गए बयानों से यह स्पष्ट है कि भारत अपनी द्विपक्षीय विदेश नीति पर कायम है और किसी तीसरे देश के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता। ट्रंप के ताजा दावे को भी भारत उसी दृष्टिकोण से देखता है।
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान विवाद में अपनी भूमिका का दावा करना न सिर्फ भारत की नीति के खिलाफ है, बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी कई सवाल खड़े करता है। वहीं, कंबोडिया-थाईलैंड विवाद में उनकी सक्रियता कितनी असरदार साबित होती है, यह देखने वाली बात होगी।

NewG Network

contact@newgindia.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.