नई दिल्ली: हर देश का एक प्रशासनिक केंद्र होता है, जिसे राजधानी कहते हैं, जहां से सरकार और कानून का संचालन होता है। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि एक ऐसा देश भी है, जिसकी कोई राजधानी नहीं है? आइए, इस अनोखे देश के बारे में विस्तार से जानते हैं।
कौन है बिना राजधानी का देश?
दुनिया में 195 देश हैं, और प्रत्येक की अपनी राजधानी है, जैसे भारत की दिल्ली या अमेरिका की वॉशिंगटन डीसी। राजधानी वह शहर होता है, जहां सरकारी कार्यालय, संसद और कानून निर्माण का केंद्र होता है। लेकिन, एक देश ऐसा है जो इस परंपरा से अलग है। यह देश है नाउरू, जो दक्षिण प्रशांत महासागर में माइक्रोनेशिया क्षेत्र में स्थित है। केवल 21 वर्ग किलोमीटर में फैला नाउरू दुनिया का सबसे छोटा गणराज्य है। साथ ही, एकमात्र ऐसा देश है, जिसने कभी अपनी राजधानी घोषित नहीं की।
इस शहर में है सरकारी कार्यालय
नाउरू का मुख्य शहर यारेन है, जहां सरकारी कार्यालय, संसद भवन और एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है। फिर भी, यारेन को आधिकारिक राजधानी का दर्जा नहीं दिया गया। इसका कारण देश का छोटा आकार है, जिसके चलते अलग से राजधानी की जरूरत नहीं पड़ी। नाउरू की जनसंख्या भी बहुत कम है, और यह देश छोटे-छोटे द्वीपों से मिलकर बना है।
नाउरू का इतिहास
इतिहास के अनुसार, नाउरू में कभी 12 जनजातियों का शासन था, जिसका प्रभाव इसके राष्ट्रीय झंडे में देखा जा सकता है। पहले यहां के लोग फॉस्फेट खनन से अच्छी कमाई करते थे, लेकिन अब नारियल की खेती उनकी आजीविका का प्रमुख स्रोत है। नाउरू के लोग ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी हिस्सा लेते हैं, जो इस छोटे से देश की वैश्विक उपस्थिति को दर्शाता है।
मात्र 2 घंटे में पैदल घूम सकते है पूरा देश
नाउरू इतना छोटा है कि इसे पैदल दो घंटे में घूमा जा सकता है। यहां पर्यटक ज्यादा समय नहीं रुकते, क्योंकि घूमने के लिए ज्यादा आकर्षण नहीं हैं। फिर भी, इसका अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा इसे दुनिया से जोड़ता है। नाउरू की मुद्रा ऑस्ट्रेलियाई डॉलर है, और इसके समुद्र तट और मूंगा चट्टानें इसे खास बनाते हैं। यह छोटा सा देश अपनी सादगी और अनोखेपन से दुनिया में एक अलग पहचान रखता है।



