बैंकॉक: मध्य पूर्व के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट में थाई जहाज पर हुए हमले के बाद थाईलैंड और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस घटना के बाद थाईलैंड ने ईरान के राजदूत को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है और तेहरान से आधिकारिक माफीनामा जारी करने की मांग की है।
थाईलैंड के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस घटना को लेकर उप विदेश सचिव सिरिलक ने ईरानी राजदूत से मुलाकात कर थाई झंडे वाले कार्गो जहाज मयूरी नारी पर हुए हमले पर कड़ी चिंता जताई। मंत्रालय ने बताया कि थाईलैंड ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और ईरानी अधिकारियों से पूरे मामले की वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी देने को कहा है।
विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक एक्स पोस्ट में कहा कि सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रोजेक्टाइल हमले से जहाज में लगी आग
बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे इस थाई जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया था, जिससे जहाज में आग लग गई। आग लगने के बाद चालक दल को जहाज छोड़ना पड़ा। जहाज पर मौजूद 23 में से 20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।
समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, जहाज ओमान के उत्तरी तट से लगभग 11 नॉटिकल मील (करीब 18 किलोमीटर) दूर था, जब उस पर हमला हुआ। यह जहाज करीब 178 मीटर लंबा और लगभग 30 हजार टन वजनी बल्क कैरियर है।
भारत जा रहा था जहाज
यह जहाज भारत के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। जहाज का स्वामित्व थाई शिपिंग कंपनी Precious Shipping के पास है।
इस घटना पर ईरान की समाचार एजेंसी Tasnim News Agency ने Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) के हवाले से रिपोर्ट दी कि जहाज को निशाना बनाया गया था।
ईरानी अधिकारियों का लंबे समय से कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को ईरान से अनुमति लेनी चाहिए। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में हाल ही में तीन जहाजों के अज्ञात प्रोजेक्टाइल से टकराने की खबर भी सामने आई है, जिनमें से एक थाई बल्क कैरियर में आग लग गई थी।
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