नई दिल्ली: दुनिया के सबसे शक्तिशाली रॉकेट स्टारशिप (Starship) का 10वां टेस्ट लॉन्च एक बार फिर स्थगित हो गया है। इस बार वजह बनी ग्राउंड सिस्टम में तकनीकी खराबी, यानी लॉन्च के लिए जरूरी जमीन पर मौजूद उपकरणों या मशीनों में आई समस्या। स्पेसएक्स ने इस मेगा रॉकेट को टेक्सास के बोका चिका स्थित स्टारबेस से 25 अगस्त 2025 को सुबह 5 बजे (भारतीय समयानुसार) लॉन्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसे मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को सुबह 5 बजे लॉन्च किया जाएगा।
यह दूसरी बार है जब इस टेस्ट को टाला गया है। इससे पहले जून 2024 में स्टैटिक फायर टेस्ट के दौरान रॉकेट के ऊपरी हिस्से (शिप) में विस्फोट हो गया था, जिसने लॉन्च की तैयारियों को बड़ा झटका दिया। इलॉन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स द्वारा निर्मित यह रॉकेट, जिसे सुपर हैवी बूस्टर और स्टारशिप (शिप) का संयोजन बनाता है, 403 फीट ऊंचा और पूरी तरह पुन: उपयोग करने योग्य है। यह न सिर्फ अंतरिक्ष यात्रा को बदलने की क्षमता रखता है, बल्कि मंगल पर मानव बस्ती बसाने और चंद्रमा मिशनों के लिए भी अहम है।
मिशन के लक्ष्य: डेटा संग्रह और भविष्य की उड़ानों की तैयारी
इस टेस्ट का उद्देश्य कई महत्वपूर्ण प्रयोगों के जरिए डेटा इकट्ठा करना है। स्टारशिप का ऊपरी हिस्सा (शिप 37) हिंद महासागर में नियंत्रित जल-लैंडिंग करेगा, जबकि सुपर हैवी बूस्टर (बूस्टर 16) को मेक्सिको की खाड़ी में उतारा जाएगा, न कि लॉन्च साइट पर वापस लाया जाएगा। बूस्टर स्टेज सेपरेशन के बाद एक नियंत्रित दिशा में फ्लिप करेगा और लैंडिंग बर्न के दौरान एक खास इंजन कॉन्फिगरेशन का परीक्षण करेगा। इसमें तीन सेंटर इंजनों में से एक को जानबूझकर बंद किया जाएगा ताकि मिडिल रिंग का बैकअप इंजन लैंडिंग को पूरा करने की क्षमता दिखा सके। इसके अलावा, शिप आठ स्टारलिंक सिम्युलेटर डिप्लॉय करेगा और अंतरिक्ष में रैप्टर इंजन को दोबारा चालू करने का टेस्ट करेगा। ये सिम्युलेटर सबऑर्बिटल ट्रैजेक्टरी पर होंगे और रीएंट्री के दौरान नष्ट हो सकते हैं। यह मिशन स्टारशिप की रीएंट्री और पुन: उपयोग की तकनीकों को बेहतर बनाने के लिए जरूरी डेटा प्रदान करेगा।
पिछले टेस्ट: लगातार असफलताओं का सिलसिला
स्टारशिप का यह 10वां टेस्ट पिछले तीन टेस्ट की असफलताओं के बाद हो रहा है। नौवां टेस्ट (28 मई 2025) में स्टारशिप ने लॉन्च के 30 मिनट बाद नियंत्रण खो दिया और पृथ्वी के वातावरण में प्रवेश करते समय नष्ट हो गया। बूस्टर ने मेक्सिको की खाड़ी में हार्ड लैंडिंग की। आठवां टेस्ट (7 मार्च 2025) में बूस्टर सफलतापूर्वक लॉन्च पैड पर लौटा, लेकिन शिप के छह में से चार इंजन बंद होने से वह नष्ट हो गई, जिसके मलबे ने मियामी और अन्य हवाई अड्डों पर उड़ानें प्रभावित कीं। सातवां टेस्ट (17 जनवरी 2025) में भी बूस्टर वापस आया, लेकिन शिप ऑक्सीजन लीक के कारण ब्लास्ट हो गई।
पिछली सफलताएं और चुनौतियां
छठा टेस्ट (20 नवंबर 2024) में बूस्टर को लॉन्च पैड पर कैच करने की योजना थी, लेकिन पैरामीटर ठीक न होने पर उसे पानी में उतारा गया। पांचवां टेस्ट (13 अक्टूबर 2024) सबसे सफल रहा, जहां बूस्टर को मैकेजिला की चॉपस्टिक्स आर्म्स ने लॉन्च पैड पर पकड़ा और शिप ने हिंद महासागर में नियंत्रित लैंडिंग की। चौथा टेस्ट (6 जून 2024) में भी स्टारशिप ने अंतरिक्ष में उड़ान भरी और पानी में लैंडिंग की। तीसरे (14 मार्च 2024) और दूसरे टेस्ट (18 नवंबर 2023) में रीएंट्री या स्टेज सेपरेशन के दौरान समस्याएं आईं, जबकि पहला टेस्ट (20 अप्रैल 2023) लॉन्च के चार मिनट बाद ही विस्फोट के साथ खत्म हुआ।
स्टारशिप का महत्व: मंगल से चंद्रमा तक
403 फीट ऊंचा और 9 मीटर चौड़ा स्टारशिप 100-150 मीट्रिक टन पेलोड ले जाने में सक्षम है। यह पेलोड डिलीवरी, मून मिशन, पृथ्वी पर त्वरित परिवहन और अंतरग्रहीय यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है। इलॉन मस्क का लक्ष्य 2029 तक इसे मंगल पर ले जाना और वहां कॉलोनी बसाना है। उनका मानना है कि पृथ्वी पर किसी आपदा की स्थिति में मंगल पर बस्ती मानवता को बचा सकती है। इसके अलावा, स्टारशिप नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का हिस्सा है, जो 2027 में चंद्रमा पर मानव लैंडिंग का लक्ष्य रखता है। यह रॉकेट पृथ्वी पर एक घंटे से कम समय में लंबी दूरी की यात्रा को भी संभव बना सकता है।
क्यों जरूरी है यह मिशन?
हर टेस्ट के साथ स्पेसएक्स स्टारशिप की विश्वसनीयता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। मंगल पर मानव बस्ती और चंद्रमा मिशन के लिए यह रॉकेट रीढ़ की हड्डी है। हालांकि, लगातार असफलताओं ने सवाल उठाए हैं, लेकिन मस्क का मानना है कि हर विफलता नई सीख देती है। इस 10वें टेस्ट में अगर स्पेसएक्स अपने लक्ष्य हासिल कर लेता है, तो यह अंतरिक्ष यात्रा में एक बड़ा कदम होगा।



