सिंधु जल विवाद पर भड़के Shehbaz Sharif, भारत को दी धमकी

पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर और बिलावल भुट्टो ने भारत को पानी रोकने पर सख्त अंजाम भुगतने की चेतावनी दी है।

Share This Article:

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने मंगलवार को इस्लामाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत को खुले शब्दों में धमकी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान किसी भी कीमत पर अपने हिस्से का पानी छिनने नहीं देगा। शरीफ ने स्पष्ट किया, “अगर दुश्मन ने हमारे पानी को रोकने की कोशिश की, तो वह एक बूंद भी नहीं ले जा पाएगा।” यह बयान 1960 के सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को भारत द्वारा 23 अप्रैल को स्थगित करने के फैसले के बाद आया। यह कदम जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद उठाया गया था।

युद्ध जैसे हालात की चेतावनी

शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने दावा किया कि पानी के प्रवाह को रोकने की कोशिश पाकिस्तान के लिए युद्ध (Pakistan–India Water Dispute) का संकेत होगी। उन्होंने कहा कि अगर भारत ने ऐसा कदम उठाया, तो उसे ऐसा सबक सिखाया जाएगा जो वह कभी नहीं भूल पाएगा। पाकिस्तान का आरोप है कि भारत सिंधु जल समझौते के प्रावधानों के तहत बहने वाले पानी को रोकने की कोशिश कर रहा है।

बिलावल भुट्टो का हमला

प्रधानमंत्री के बयान से पहले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी भारत पर निशाना साधा था। उन्होंने सिंधु जल समझौते के स्थगन को “सिंधु घाटी सभ्यता पर सीधा हमला” बताया। बिलावल ने चेतावनी दी कि अगर भारत ने युद्ध थोपने की कोशिश की, तो पाकिस्तान पीछे नहीं हटेगा।

पाकिस्तानी सेना का तीखा रुख

पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर (Asim Munir) ने भी पुराने राग को दोहराते हुए भारत को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इंतजार करेगा कि भारत कोई बांध बनाए और फिर उसे नष्ट कर देगा। मुनीर के अनुसार, सिंधु नदी केवल भारत की संपत्ति नहीं है और पाकिस्तान के पास भारत की “नापाक योजनाओं” को विफल करने के सभी संसाधन मौजूद हैं।

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

भारत के विदेश मंत्रालय ने मुनीर के बयान को परमाणु धमकी के रूप में देखा और इसे बेहद गैर-जिम्मेदाराना बताया। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के बयान पाकिस्तान में परमाणु हथियारों के नियंत्रण और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। उन्होंने साफ किया कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा और किसी भी प्रकार की परमाणु धमकी के आगे नहीं झुकेगा।

सिंधु जल समझौते पर पृष्ठभूमि

सिंधु जल समझौता 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुआ था। इसके तहत सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों के पानी का उपयोग पाकिस्तान को और सतलुज, ब्यास और रावी का पानी भारत को आवंटित किया गया था। हालिया विवाद के बाद यह मुद्दा फिर से राजनीतिक और सामाजिक तनाव का केंद्र बन गया है।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

https://newgindia.com/author/usha/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.