नई दिल्ली : ईरान-अमेरिका युद्ध और वैश्विक तेल संकट की मार अब पाकिस्तान पर बुरी तरह पड़ने लगी है। पाकिस्तान सरकार ने ईंधन की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि की घोषणा की है, जिससे देश की चरमराती अर्थव्यवस्था पर दबाव और बढ़ गया है। नई दरों के मुताबिक, डीजल की कीमतों में 54.9% और पेट्रोल में 42.7% का भारी इजाफा किया गया है।
आसमान छूती कीमत
ताजा संशोधन के बाद पाकिस्तान में अब डीजल की कीमत 520.35 पीकेआर प्रति लीटर और पेट्रोल 458.40 PKR प्रति लीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इसके साथ ही केरोसिन (मिट्टी का तेल) भी ₹34.08 की बढ़ोतरी के साथ ₹457.80 प्रति लीटर हो गया है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इस वृद्धि को “अपरिहार्य” बताते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें नियंत्रण से बाहर हो गई हैं, जिसके चलते सरकार अब सब्सिडी का बोझ उठाने में सक्षम नहीं है।
सब्सिडी खत्म, लेवी में बदलाव
ईंधन संकट से निपटने के लिए सरकार ने पिछले तीन हफ्तों में दिए गए 129 अरब रुपये के सब्सिडी पैकेज को खत्म कर दिया है। हालांकि, प्रभाव को थोड़ा कम करने के प्रयास में पेट्रोल पर लेवी को ₹105 से बढ़ाकर ₹160 प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर इसे ₹55 से घटाकर शून्य कर दिया गया है। एक महीने के भीतर यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है; इससे पहले मार्च में भी कीमतों में 20% का इजाफा किया गया था।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का संकट और क्षेत्रीय असर
पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए सऊदी अरब और यूएई पर निर्भर है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जारी सैन्य तनाव और ब्लॉकेड ने तेल की आपूर्ति श्रृंखला को ठप कर दिया है। जहां पाकिस्तान इस संकट से बुरी तरह जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत ने हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में कटौती कर अपनी स्थिति को संतुलित रखने की कोशिश की है। पाकिस्तान ने इस युद्ध में मध्यस्थता की पेशकश भी की थी, लेकिन फिलहाल बातचीत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।



