नेपाल Crisis: PM-राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद क्या सेना चलाएगी सरकार?

नेपाल में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता गहराने के बीच सेना ने मंगलवार रात से सुरक्षा की कमान संभाल ली। प्रदर्शनकारियों के उग्र रुख के चलते हालात और बिगड़ गए हैं।

Share This Article:

नई दिल्ली: नेपाल में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मंगलवार रात 10 बजे से नेपाली सेना ने सुरक्षा अभियानों की कमान अपने हाथ में ले ली। राजधानी काठमांडू (Kathmandu Airport) स्थित त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रदर्शनकारियों (Gen Z Protests) के घुसने की कोशिश के बाद सेना ने वहां कब्जा कर लिया। स्थिति को देखते हुए हवाई उड़ानों पर भी रोक लगा दी गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

हवाई सेवाएं प्रभावित

एयर इंडिया, जो प्रतिदिन छह उड़ानें दिल्ली से काठमांडू के बीच संचालित करती है, ने मंगलवार को अपनी चार उड़ानें रद्द कर दीं। वहीं, इंडिगो और नेपाल एयरलाइंस ने भी अपनी सेवाएं अस्थायी तौर पर बंद कर दीं। भारतीय यात्रियों को काठमांडू न जाने की सलाह दी गई है और आपात नंबर जारी किए गए हैं।

सरकारी संस्थानों पर कब्जा

प्रदर्शनकारियों (Gen Z Protests) के उग्र रुख के बीच सेना ने सरकार के मुख्य सचिवालय भवन सिंह दरबार (Singh Durbar) को अपने नियंत्रण में ले लिया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने यहां घरों में आगजनी की थी। इसी बीच, पवित्र पशुपतिनाथ मंदिर पर हमले की कोशिश को भी सेना ने नाकाम कर दिया।

क्यों भड़के प्रदर्शनकारी?

नेपाल में मौजूदा ओली सरकार पर भ्रष्टाचार, जनता की समस्याओं की अनदेखी और नेताओं व उनके परिवारों की शाही जीवनशैली को लेकर गुस्सा है। विशेषकर ‘जेन-जी समूह’ ने इंटरनेट मीडिया (Social Media Ban) पर अभियान चलाकर सरकार के खिलाफ लोगों को संगठित किया। हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पाबंदी ने आक्रोश को और बढ़ा दिया।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:

1. ओली सरकार का इस्तीफा और नई सरकार का गठन
2. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी
3. राजनीतिक पदों के लिए सेवानिवृत्ति आयु तय हो

संवैधानिक स्थिति

नेपाल के संविधान के अनुसार प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति के पद रिक्त होने पर कार्यवाहक जिम्मेदारियां उपयुक्त पदाधिकारी निभाते हैं। मौजूदा राजनीतिक संकट में दोनों पदों पर इस्तीफे की अटकलों के चलते अब ध्यान संसद और राजनीतिक दलों पर है कि वे नई सरकार का गठन किस प्रकार करते हैं।

भारतीय नागरिकों के लिए चेतावनी

काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास (India-Nepal Border) ने नागरिकों से अपील की है कि वे नेपाल की यात्रा टालें और बाहर निकलने से बचें। दो भारतीय विमान सुरक्षा कारणों से काठमांडू हवाई अड्डे से बिना लैंड किए वापस लौट आए।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की है। वहीं, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान समेत कई देशों ने भी नेपाल से शांति और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

सीमा क्षेत्रों में तनाव

नेपाल से सटे भारतीय इलाकों बिहार के मधुबनी, रक्सौल और सीतामढ़ी जिलों में भी तनाव का माहौल देखा गया। उधर, सिरहा जिले में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस चौकी और स्मारक को आग के हवाले कर दिया।

नेपाल में यह संकट न केवल राजनीतिक स्थिरता के लिए बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चुनौती बन चुका है। सेना के सीधे हस्तक्षेप और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच अब नजरें संसद और विपक्ष पर टिकी हैं, जो अगले राजनीतिक कदम की दिशा तय करेंगे।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

https://newgindia.com/author/usha/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

न्यूज़लेटर के लिए सब्सक्राइब करें

कैटेगरीज़

हम वह खबरची हैं, जो खबरों के साथ खबरों की भी खबर रखते हैं। हम NewG हैं, जहां खबर बिना शोरगुल के है। यहां news, without noise लिखी-कही जाती है। विचार हममें भरपूर है, लेकिन विचारधारा से कोई खास इत्तेफाक नहीं। बात हम वही करते हैं, जो सही है। जो सत्य से परामुख है, वह हमें स्वीकार नहीं। यही हमारा अनुशासन है, साधन और साध्य भी। अंगद पांव इसी पर जमा रखे हैं। डिगना एकदम भी गवारा नहीं। ब्रीफ में यही हमारा about us है।

©2025 NewG India. All rights reserved.