नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से मुलाकात की। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा करने के बाद यह उनकी किसी भी वेनेजुएलाई नेता से पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।
ट्रंप को सौंपा नोबेल पुरस्कार
मुलाकात के बाद माचाडो ने कहा कि उन्होंने ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल भेंट किया है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि आज हम वेनेजुएलावासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मचाडो ने ट्रंप को अपना पुरस्कार सौंपने के बारे में बताया, लेकिन उन्होंने दूसरी कोई जानकारी नहीं दी।
राष्ट्रपति बनना चाहती हैं मचाडो
व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद मचाडो ने बाहर जुटे समर्थकों से स्पेनिश में कहा कि हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं। हालांकि ट्रंप ने अब तक माचाडो को वेनेजुएला की नई नेता के रूप में समर्थन नहीं दिया है। इसकी बजाय वे वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ काम कर रहे हैं।
नहीं साझा किया जा सकता नोबेल पुरस्कार
ट्रंप हमेशा नोबेल शांति पुरस्कार लेने की इच्छा जताते रहे हैं। जब यह मचाडो को मिला तो उन्होंने नाराजगी जताई। दूसरी ओर नोबेल कमेटी ने पहले कहा था कि नोबेल पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद इसे रद्द नहीं किया जा सकता। न ही इसे साझा किया जा सकता है और न ही किसी और को हस्तांतरित किया जा सकता है। यह निर्णय अंतिम है और हमेशा के लिए मान्य रहेगा।
नहीं बदल सकती उपाधि
वहीं, गुरुवार को व्हाइट हाउस में हुई बैठक से पहले नोबेल संस्थान ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि एक पदक के मालिक बदल सकते हैं लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की उपाधि नहीं बदल सकती। अक्टूबर 2025 में मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें वेनेजुएला के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके प्रयासों और तानाशाही से शांतिपूर्ण लड़ाई’ के लिए यह सम्मान मिला था।



