काराकस: वेनेजुएला में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक नया मोड़ सामने आया है। हाल ही में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भावी रणनीति से बाहर रखा गया है। इसके बावजूद, मचाडो ने ट्रंप के प्रति अपना नरम रुख अपनाते हुए अपना 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार उनके साथ साझा करने की इच्छा जताई है।
“जनवरी 3 न्याय की जीत का दिन”
फॉक्स न्यूज के साथ सोमवार रात एक साक्षात्कार में मचाडो ने कहा कि वह अपना नोबेल पुरस्कार राष्ट्रपति ट्रंप को समर्पित करना चाहती हैं। उन्होंने 3 जनवरी को काराकस में हुए अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन की सराहना करते हुए इसे “असंभव को संभव करने वाला कदम” बताया।
मचाडो ने कहा:
“जैसे ही मुझे पता चला कि हमें नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है, मैंने इसे राष्ट्रपति ट्रंप को समर्पित कर दिया क्योंकि मुझे विश्वास था कि वह इसके हकदार हैं। 3 जनवरी इतिहास में उस दिन के रूप में दर्ज की जाएगी जब न्याय ने तानाशाही को हराया।”
ट्रंप की बेरुखी और ‘नोबेल’ विवाद
निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उम्मीद की जा रही थी कि ट्रंप मचाडो को वेनेजुएला के अगले नेतृत्व के रूप में देखेंगे। हालांकि, ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से उनसे दूरी बना ली। ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मचाडो के पास देश के भीतर “सम्मान और समर्थन” की कमी है।
मीडिया रिपोर्ट्स और व्हाइट हाउस के सूत्रों के अनुसार, ट्रंप की इस नाराजगी के पीछे मचाडो द्वारा नोबेल पुरस्कार स्वीकार करना एक बड़ी वजह है। बताया जा रहा है कि ट्रंप खुद इस पुरस्कार की रेस में थे और मचाडो का इसे स्वीकार करना उनके लिए “अक्षम्य भूल” जैसा रहा।
मुख्य बिंदु:
- नोबेल पुरस्कार: मचाडो को अक्टूबर 2025 में तानाशाही के खिलाफ संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था।
- ट्रंप का बयान: ट्रंप ने मचाडो को “अच्छी महिला” तो कहा, लेकिन उन्हें नेतृत्व के लिए अयोग्य बताया।
- वापसी की योजना: मचाडो, जो वर्तमान में नॉर्वे में हैं, ने जल्द ही वेनेजुएला लौटने की प्रतिबद्धता जताई है।
वेनेजुएला का भविष्य और अमेरिका का रुख
फिलहाल ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज के साथ मिलकर काम करने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल बुनियादी ढांचे को ठीक करने और देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेगा, लेकिन नेतृत्व के मामले में मचाडो उनकी पहली पसंद नहीं हैं।



