Israeli सेना ने फिलिस्तीनियों को गाजा सिटी छोड़ने का दिया अल्टीमेटम

इजरायली सेना ने गाजा सिटी के लाखों नागरिकों को शहर छोड़ने का आदेश दिया है ताकि हमास के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जा सके।

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नई दिल्ली: गाजा पट्टी में इजरायल और हमास (Israel Hamas War) के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इजरायली सेना ने गाजा सिटी (Gaza City Evacuation) के लाखों नागरिकों को घर छोड़कर दक्षिणी हिस्से में बने सुरक्षित क्षेत्रों की ओर जाने का आदेश दिया है। लेकिन बड़ी संख्या में लोग अपना घर-शहर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इस कदम को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

हमास पर सीधा हमला करने की तैयारी

इजरायली सेना का मानना है कि गाजा सिटी (Humanitarian Crisis Gaza) को खाली करवाकर वे यहां हमास के खिलाफ सीधी कार्रवाई कर सकेंगे। गाजा पट्टी का यह सबसे बड़ा शहर पिछले 23 महीनों से जारी संघर्ष (Gaza war 2025) में इजरायली सेना के लिए चुनौती बना हुआ है। सेना का दावा है कि उन्होंने शहर के बाहरी इलाकों पर कब्जा कर लिया है, लेकिन घनी आबादी वाले मध्य भाग पर नियंत्रण नहीं पा सके हैं।

बंधकों की मौजूदगी की आशंका

इजरायली सेना को संदेह है कि हमास ने शहर के भीतर अपहृत इजरायली नागरिकों को बंधक बनाकर रखा हुआ है। अनुमान है कि हमास के पास अभी भी 48 बंधक हैं, जिनमें से केवल 20 लोगों के जीवित होने की उम्मीद है। यही कारण है कि सेना इस क्षेत्र में और आक्रामक तरीके से घेराबंदी कर रही है।

हवाई और जमीनी हमलों का दौर

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने सेना को गाजा सिटी पर पूर्ण कब्जा करने का निर्देश दिया है। इसके बाद से इजरायली सेना लगातार हवाई हमले और जमीनी घुसपैठ कर रही है। बाहरी इलाकों के ज्यादातर लोग सुरक्षा कारणों से पलायन कर चुके हैं, लेकिन शहर के मध्य भाग में अब भी लाखों लोग फंसे हुए हैं। घेराबंदी की वजह से वहां भोजन और अन्य जरूरी सामान की भारी कमी हो गई है।

नेतन्याहू का स्थायी कब्जे का ऐलान

इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि गाजा सिटी पर स्थायी कब्जा किया जाएगा और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी इजरायल के पास होगी। इस ऐलान की मिस्र और कतर ने कड़ी निंदा की है। दोनों देशों ने कहा है कि फिलिस्तीनियों को जबरन शहर छोड़ने के लिए मजबूर करना मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।

64 हजार से अधिक फलस्तीनी मारे गए

पिछले 23 महीनों से जारी संघर्ष में अब तक 64 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और मानवीय संकट गहराता जा रहा है। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा है कि उनके अधिकारी हमास के साथ गंभीर वार्ता कर रहे हैं और इसका परिणाम गाजा के भविष्य को तय करेगा।

गाजा सिटी को लेकर इजरायल और हमास के बीच टकराव का यह नया अध्याय आने वाले समय में और गहरा सकता है। एक तरफ इजरायली सेना हमास को समाप्त करने के लिए निर्णायक कार्रवाई की तैयारी कर रही है, तो दूसरी ओर लाखों आम लोग असुरक्षा, पलायन और भूख की त्रासदी झेल रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस जंग के अगले कदम पर टिकी हैं।

Usha Mehta

ushamehta0013@gmail.com

NewG India का सबसे युवा चेहरा, दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन के बाद IGNOU और ABP न्यूज़ नेटवर्क जैसे संस्थानों में इंटर्नशिप की। सोशल और कॉमर्स विषयों की गहरी समझ हैं कलम के साथ आवाज में भी धार हैं। NewG India में बतौर कंटेंट डेवलपर व एंकर अपनी जिम्मेदारी उषा मेहता बखूबी निभा रही हैं ।

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