नई दिल्ली: Israel ने गाजा सिटी पर कब्जा करने और इसे राफा और बैत हनून की तरह मलबे में बदलने की धमकी दी है। रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने शुक्रवार को कहा कि यदि हमास ने इजराइल की शर्तों को नहीं माना, तो गाजा सिटी का हाल भी उन शहरों जैसा होगा जो पहले ही तबाह हो चुके हैं। यह बयान तब आया जब इजराइल ने गाजा सिटी पर नियंत्रण के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की योजना को मंजूरी दी। काट्ज ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, “हमास के आतंकियों के लिए गाजा में नरक के दरवाजे खुल जाएंगे, जब तक वे हमारी शर्तों को स्वीकार नहीं करते।” इजराइल ने युद्ध समाप्त करने के लिए पांच सख्त शर्तें रखी हैं, जिनमें हमास का पूर्ण आत्मसमर्पण और बंधकों की रिहाई शामिल है।
इजराइल की पांच शर्तें
- हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण, यानी सभी हथियारों का त्याग।
- गाजा में मौजूद सभी इजराइली बंधकों की तत्काल और पूर्ण रिहाई।
- गाजा पट्टी से सैन्य गतिविधियों का पूरी तरह खात्मा।
- गाजा पर इजराइल का सुरक्षा नियंत्रण स्थापित करना।
- गाजा में एक नया नागरिक प्रशासन, जो न तो हमास और न ही फिलिस्तीनी प्राधिकरण से जुड़ा हो।
हमास की प्रतिक्रिया: सीजफायर के लिए आंशिक सहमति
हमास ने इजराइल की सभी शर्तों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इसके बजाय, 18 अगस्त को उसने मिस्र, कतर और अमेरिका द्वारा मध्यस्थता में प्रस्तावित एक समझौते को स्वीकार किया, जिसमें 60 दिनों के लिए युद्धविराम और दो चरणों में बंधकों की रिहाई शामिल है। यह प्रस्ताव जून में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ द्वारा पेश किया गया था। हालांकि, इजराइल ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, क्योंकि यह उनकी मांगों को पूरी तरह पूरा नहीं करता। हमास ने कहा कि वह युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने और गाजा से इजराइली सेना की वापसी के लिए तैयार है, लेकिन वह निरस्त्रीकरण की शर्त को तब तक नहीं मानेगा जब तक फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का आश्वासन नहीं मिलता।
गाजा सिटी पर सैन्य अभियान की तैयारी
इजराइल ने गाजा सिटी पर कब्जे के लिए व्यापक सैन्य तैयारी शुरू कर दी है। रक्षा मंत्री काट्ज ने 20 अगस्त को इस अभियान को मंजूरी दी, जिसके तहत करीब 1.3 लाख सैनिकों को तैनात करने की योजना है। इसमें 60,000 अतिरिक्त रिजर्व सैनिक शामिल होंगे। इस अभियान को ‘गिदोन’स चेरिएट्स-बी’ नाम दिया गया है। सैन्य अभियान को तीन चरणों में लागू किया जाएगा:
- पहला चरण (2 सितंबर 2025): 40,000-50,000 सैनिकों की तैनाती, जिसमें गाजा सिटी के बाहरी इलाकों पर कब्जा शुरू होगा।
- दूसरा चरण (नवंबर-दिसंबर 2025): अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती और शहर के भीतरी हिस्सों में ऑपरेशन।
- तीसरा चरण (फरवरी-मार्च 2026): पूर्ण नियंत्रण और हमास के बचे हुए ठिकानों को नष्ट करना।
इस अभियान में 5 सैन्य डिवीजन, 12 ब्रिगेड-स्तरीय टीमें और गाजा डिवीजन की उत्तरी और दक्षिणी ब्रिगेड शामिल होंगी। वर्तमान में जैतून और जबालिया जैसे इलाकों में नहल, 7वीं आर्मर्ड और गिवाती ब्रिगेड ऑपरेशन चला रही हैं।
नागरिकों को निकालने की योजना
इजराइल ने गाजा सिटी से लगभग 10 लाख नागरिकों को दक्षिणी गाजा में स्थानांतरित करने की योजना बनाई है। इसके लिए 7 अक्टूबर 2025 तक का समय दिया गया है। दक्षिणी गाजा में राहत शिविर, अस्थायी टेंट और फील्ड अस्पताल स्थापित किए जा रहे हैं। खान यूनिस में यूरोपियन अस्पताल को भी फिर से खोलने की तैयारी है। हालांकि, संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों ने इस योजना की आलोचना की है, क्योंकि यह गाजा में पहले से मौजूद मानवीय संकट को और गहरा सकता है।
गाजा में गहराता मानवीय संकट
गाजा में युद्ध ने पहले ही भयावह स्थिति पैदा कर दी है। संयुक्त राष्ट्र की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, गाजा में भुखमरी अब नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। हमास द्वारा संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से अब तक 62,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिनमें 18,000 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। कुपोषण के कारण 271 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 112 बच्चे हैं। यूनिसेफ ने चेतावनी दी है कि इजराइली बमबारी और मानवीय सहायता पर रोक के कारण हर दिन औसतन 28 बच्चे मारे जा रहे हैं। घायलों की संख्या 1.5 लाख को पार कर चुकी है।
गाजा पर इजराइल का नियंत्रण
इजराइली सेना (IDF) का दावा है कि गाजा पट्टी का 75% हिस्सा उनके नियंत्रण में है। गाजा सिटी उन 25% क्षेत्रों में शामिल है, जहां हमास का प्रभाव अभी भी बरकरार है। इजराइल का मानना है कि गाजा सिटी में हमास के पास अभी भी 50 बंधक हैं, जिनमें से केवल 20 के जीवित होने की संभावना है। इजराइल का लक्ष्य इन बंधकों को मुक्त कराना और हमास के सैन्य ढांचे को पूरी तरह नष्ट करना है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र और कई मानवाधिकार संगठनों ने इजराइल की इस योजना को “मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया है। हमास ने काट्ज के बयान को “नरसंहार की धमकी” बताया और कहा कि यह मध्यस्थता प्रयासों का अपमान है। मिस्र और कतर ने युद्धविराम के लिए मध्यस्थता जारी रखने की बात कही है, लेकिन इजराइल के सख्त रुख ने इन प्रयासों को जटिल बना दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमास पर आरोप लगाया कि वह बंधकों की रिहाई के लिए गंभीर नहीं है।



