ईरान-इजराइल युद्ध: शांति और मानवता के हक में भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रविवार ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से टेलीफोन पर बातचीत हुई। पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की सुरक्षित वापसी और स्वदेश वापसी के लिए दिए जा रहे सहयोग के लिए शुक्रिया अदा किया। साथ ही तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया।

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नई दिल्ली: ईरान-इजराइल युद्ध में अमेरिका की इंट्री के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने रविवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की। राष्ट्रपति पेजेशकियन ने पीएम मोदी को विस्तार से जानकारी दी और क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, विशेष रूप से ईरान और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष पर अपना दृष्टिकोण साझा किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में हुई तनातनी पर भारत की गहरी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शांति और मानवता के पक्ष में है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने तत्काल तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत का समर्थन दोहराया।

पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की सुरक्षित वापसी और स्वदेश वापसी के लिए दिए जा रहे निरंतर समर्थन के लिए राष्ट्रपति पेजेशकियन को धन्यवाद दिया। दोनों नेताओं ने व्यापार और आर्थिक सहयोग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करना जारी रखने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही दोनो नेताओं ने भविष्य में आपसी संपर्क बनाए रखने पर सहमति जाहिर की।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया फोरम एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से बात की। हमने मौजूदा स्थिति के बारे में विस्तार से चर्चा की। हाल ही में बढ़ती हुई तनातनी पर गहरी चिंता व्यक्त की। आगे बढ़ने के लिए तत्काल तनाव कम करने, बातचीत और कूटनीति के लिए अपना आह्वान दोहराया और क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता की शीघ्र बहाली की मांग की।

भारतीयों की वापसी के लिए ऑपरेशन सिंधु

इजराइल-ईरान युद्ध से पैदा हुए हालात के बीच भारत अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए ऑपरेशन सिंधु चला रहा है। अभी तक एक हजार से ज्यादा भारतीयों के वतन वापसी हो चुकी है। ईरान से लौट रहे भारतीयों ने भारत सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि भारत वापस आकर उनकी जान बची है। ईरान के हालात का जिक्र करते हुए भारतीयों ने कहा कि वहां के हालात बेहद खतरनाक हैं। वहां से सुरक्षित वापसी जीवन दान मिलने जैसा है। इसी बीच भारत ने श्रीलंका को भी आश्वस्त किया है कि वह ईरान में फंसे श्रीलंकाई नागरिकों को निकालने में उसकी मदद करेगा।

ईरान से भारत लौटे नवीद ने बताया कि वह कश्मीर से हैं और एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने भारत सरकार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि युद्ध के बीच में उनको ईरान से निकाल लिया गया है। वहीं, बिहार के एक नागरिक ने कहा कि वह पिछले दो सालों से ईरान में रह रहे थे। तेहरान की स्थिति गंभीर है। मोमिन उश्ताक बताते हैं कि ईरान के हालात बेहद नाजुक हैं। जबकि परवीन वतन वापसी पर अपनी सरकार को शुक्रिया अदा करती दिखीं। मोहम्मद अशफाक ने बताया कि अपने देश लौटकर अच्छा लग रहा है। मैं वहां के दूतावास का आभारी हूं, जिसने हमारी अच्छी देखभाल की। पीएम मोदी को भी उन्होंने धन्यवाद दिया।

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