क्यों एपस्टीन का बोइंग जेट कहलाया ‘लोलिता एक्सप्रेस’? समझिए

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नई दिल्ली। दुनियाभर में इन दिनों जेफरी एपस्टीन का नाम एक बार फिर सुर्खियों में है। भले ही उसकी मौत को सात साल बीत चुके हों लेकिन उसके काले कारनामों से जुड़े खुलासे अब भी लगातार सामने आ रहे हैं। हर नई एपस्टीन फाइल के सार्वजनिक होते ही यह सवाल उठता है कि इस बार किस प्रभावशाली शख्सियत का नाम सामने आएगा।

हाईप्रोफाइल ट्रैफिकिंग रैकेट का मास्टरमाइंड था एपस्टीन

जेफरी एपस्टीन पर आरोप है कि वह एक हाईप्रोफाइल सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क चलाता था। इस नेटवर्क के जरिए नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया जाता था और उन्हें जबरन प्रभावशाली व अमीर लोगों तक पहुंचाया जाता था। एपस्टीन पर अनगिनत नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप लगे थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसने मजबूर किशोरियों का एक संगठित नेटवर्क खड़ा कर रखा था।

निजी जेट में होती थीं ऑनबोर्ड पार्टियां

एपस्टीन अपने इस नेटवर्क को संचालित करने के लिए निजी जेट का इस्तेमाल करता था। आरोप है कि इस विमान में ऑनबोर्ड पार्टियां आयोजित की जाती थीं, जिनमें 14 से 18 साल की कम उम्र की लड़कियों को भी शामिल किया जाता था। इसी वजह से एपस्टीन के इस प्राइवेट जेट को कुख्यात नाम ‘लोलिता एक्सप्रेस’ दिया गया।

‘लोलिता’ नाम का कनेक्शन क्या है?

‘लोलिता एक्सप्रेस’ नाम का संबंध रूसी-अमेरिकी लेखक व्लादिमीर नाबोकोव के 1955 में प्रकाशित उपन्यास ‘लोलिता’ से जोड़ा जाता है। इस उपन्यास की मुख्य पात्र एक नाबालिग लड़की है, जिसे कम उम्र में ही आकर्षक और अपील करने वाली छवि के रूप में दर्शाया गया है। समय के साथ पॉप कल्चर में ‘लोलिता’ शब्द कम उम्र की आकर्षक सुंदरता का प्रतीक बन गया और इसी संदर्भ में एपस्टीन के विमान को यह नाम दिया गया।

प्रभावशाली हस्तियों पर जेट की सवारी के आरोप

दुनियाभर की कई बड़ी और प्रभावशाली हस्तियों पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने ‘लोलिता एक्सप्रेस’ की सवारी की। कहा जाता है कि एपस्टीन इन लोगों के लिए ऐसी पार्टियां आयोजित करता था, जिनमें कम उम्र की लड़कियां मौजूद रहती थीं। इन्हीं यात्राओं के जरिए वह अपने मेहमानों को दुनिया भर के अलग-अलग ठिकानों तक ले जाता था।

वर्जिन आइलैंड्स में था एपस्टीन का निजी द्वीप

एपस्टीन का सबसे कुख्यात ठिकाना यूएस वर्जिन आइलैंड्स में स्थित उसका निजी द्वीप था। यह द्वीप आम लोगों की पहुंच से दूर था और वहां केवल हेलिकॉप्टर या नाव से ही जाया जा सकता था। एपस्टीन अपने बोइंग 727-100 एयरक्राफ्ट से मेहमानों और लड़कियों को पहले सेंट थॉमस समुद्री तट तक लाता, फिर वहां से हेलिकॉप्टर द्वारा उन्हें अपने द्वीप तक पहुंचाया जाता था।

‘लोलिता एक्सप्रेस’ बना जरिया

आरोप है कि लंबे समय तक एपस्टीन ने अपने इस निजी जेट का इस्तेमाल न सिर्फ यात्राओं के लिए किया, बल्कि धनी और ताकतवर लोगों के कुकर्मों को छिपाने के लिए भी किया। आज उसकी मौत के वर्षों बाद भी ‘लोलिता एक्सप्रेस’ एपस्टीन के अपराध साम्राज्य का सबसे बड़ा प्रतीक बन चुका है, जिसकी हर नई जानकारी दुनियाभर में सनसनी फैला रही है।

Pooja Thakur

pt37557@gmail.com

मीडिया की दुनिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय। वर्तमान में Newg India में बतौर कंटेंट राइटर और मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर काम कर रही हूं, जहां हर कहानी को एक नए नजरिए से पेश करने की कोशिश करती हूं।

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