नई दिल्ली, 29 जून 2026 – आज के इस डिजिटल युग में जब पूरा भारत तकनीकी रूप से प्रगति कर रहा है, तब भारतीय कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक संयुक्त पहल, ‘किसान सारथी’ (Kisan Sarathi), भारत के करोड़ों किसानों के लिए एक मसीहा की तरह बनकर उभरा है। यह न केवल एक डिजिटल मंच है, बल्कि एक ऐसा जरिया है जो खेती की जटिलताओं को आसान बनाकर उसे उन्नत बना रहा है। इस लेख में हम किसान सारथी के हर पहलू का विस्तार से विश्लेषण करेंगे।
किसान सारथी क्या है?
किसान सारथी एक ऐसा व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो खेती से जुड़ी हर जानकारी को एक क्लिक पर उपलब्ध कराता है। यह प्लेटफॉर्म ‘इंटरएक्टिव इंफॉर्मेशन डिससेमिनेशन सिस्टम’ (IIDS) का उपयोग करता है। सरल शब्दों में कहें तो, यह किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच बातचीत का एक सीधा माध्यम है। चाहे मौसम की जानकारी हो, सरकारी योजनाओं का लाभ हो या फसलों की बीमारियों का इलाज, यह मंच सब कुछ एक ही छत के नीचे प्रदान करता है।
इतिहास और विकास
किसान सारथी की शुरुआत जुलाई 2021 में हुई थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य कृषि क्षेत्र में ‘लैब-टू-लैंड’ (प्रयोगशाला से खेत तक) तकनीक को पहुँचाना था। समय के साथ, इस प्लेटफॉर्म ने अपनी पहुँच बढ़ाई है और आज यह 2.95 करोड़ से अधिक किसानों का भरोसा बन चुका है। जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, यह 37 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 768 जिलों और 6.63 लाख गांवों तक अपनी पहुँच बना चुका है।
यह कैसे काम करता है? (तकनीकी दृष्टिकोण: IIDS)
किसान सारथी की शक्ति इसके पीछे काम करने वाले ‘इंटरएक्टिव इंफॉर्मेशन डिससेमिनेशन सिस्टम’ (IIDS) में निहित है। इसके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
- द्विमार्गीय संचार: किसान अपनी जरूरत के अनुसार जानकारी माँग सकते हैं और विशेषज्ञ सलाह भेज सकते हैं। यह कॉल, वीडियो, मैसेज या चैट के माध्यम से होता है।
- वैयक्तिकरण (Personalization): प्रणाली किसान की प्रोफाइल के आधार पर उसे सटीक सलाह देती है।
- सब्सक्रिप्शन आधारित मॉडल: किसान अपनी रुचि के अनुसार सेवाओं को सब्सक्राइब कर सकते हैं और कभी भी बदलाव कर सकते हैं।
- विशेषज्ञों की पहुँच: विशेषज्ञों के पास किसान का पिछले संवाद का रिकॉर्ड होता है, जिससे सलाह देना और भी आसान हो जाता है।

किसान सारथी की विशेषताएं और सेवाएं
- 13 क्षेत्रीय भाषाओं में समर्थन: भाषा की बाधा को दूर करते हुए, किसान अपनी मातृभाषा में विशेषज्ञों से बात कर सकते हैं।
- विविध पहुंच केंद्र: इसे किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), वेब पोर्टल, व्हाट्सएप और मोबाइल ऐप के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।
- सरकारी योजनाओं का भंडार: 25 जून 2026 तक इस पोर्टल पर 610 सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 102 केंद्रीय योजनाएं हैं। इसमें ‘माईस्कीम’ (MyScheme) का एकीकरण भी शामिल है।
- विशेषज्ञों का विस्तृत नेटवर्क: यह 730+ कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK), 100+ ICAR संस्थानों और 65+ कृषि विश्वविद्यालयों को एक मजबूत नेटवर्क में जोड़ता है।
- बाजार की जानकारी: किसान मंडी की कीमतें और जिला-वार बाजार भाव आसानी से देख सकते हैं।
लाभार्थियों का आंकड़ा (जून 2026 तक)
- कुल पंजीकृत किसान: 2.95 करोड़ (जिनमें 56.16 लाख महिलाएं हैं)।
- पंजीकरण माध्यम: 2.89 करोड़ KVK के माध्यम से, 5.35 लाख कॉल सेंटर से, 21,517 ऐप से, 2,416 पोर्टल से और 39,193 CSC से।
- कुल पूछताछ: 19.21 लाख।
- कुल जारी की गई सलाह: 21,900 (351 वस्तुओं के लिए)।
अन्य हितधारकों को लाभ
- ICAR और विश्वविद्यालय: शोध संस्थानों को अपनी तकनीक और सलाह को सीधे किसानों तक पहुँचाने के लिए व्यापक मंच मिलता है।
- कृषि विशेषज्ञ (KVK): विशेषज्ञों के लिए किसानों तक पहुँचना और उनकी समस्याओं का समाधान करना तेज और कुशल हो गया है।
- नीति निर्माता: प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध डेटा और डैशबोर्ड से वास्तविक समय (Real-time) की जानकारी मिलती है, जिससे भविष्य की नीतियों को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।

तुलनात्मक विश्लेषण: कल और आज का कृषि परिदृश्य
पारंपरिक कृषि में, किसान सूचना के लिए बिचौलियों या सीमित संसाधनों पर निर्भर थे। किसान सारथी ने इस परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है:
| बिंदु | पारंपरिक कृषि प्रणाली | किसान सारथी युग |
| सूचना की गति | धीमी (दिनों का समय) | रियल-टाइम (तुरंत) |
| विशेषज्ञों से जुड़ाव | बहुत मुश्किल | सीधे कॉल/वीडियो के माध्यम से आसान |
| जानकारी का दायरा | सीमित (स्थानीय) | व्यापक (राष्ट्रीय नेटवर्क) |
| सरकारी योजनाएं | जानकारी का अभाव | केंद्रीकृत पोर्टल पर सब उपलब्ध |
| डिजिटल पहुँच | नगण्य | मोबाइल और व्हाट्सएप आधारित |
वर्तमान रुझान और भविष्य
आज के दौर में जहां ड्रोन, IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग बढ़ रहा है, किसान सारथी उन सभी आधुनिक तकनीकों को एक साधारण किसान तक पहुँचाने का एक सेतु बन गया है। यह डेटा-आधारित कृषि की ओर ले जा रहा है, जहाँ हर निर्णय वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित होगा।
निष्कर्ष
किसान सारथी केवल एक ऐप या वेबसाइट नहीं है; यह भारतीय कृषि का भविष्य है। यह किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। जैसे-जैसे देश का डिजिटल बुनियादी ढांचा बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह प्लेटफॉर्म कृषि को अधिक उत्पादक, लचीला और आर्थिक रूप से फायदेमंद बना रहा है। यह कृषि विस्तार सेवा में एक नया अध्याय है, जो देश के हर कोने में स्थित किसान को सशक्त बना रहा है।



