चेन्नई | तमिल सुपरस्टार और ‘तमिलगा वेट्ट्री कज़गम’ (TVK) के अध्यक्ष थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज का रास्ता साफ होगा या नहीं, इस पर मद्रास हाईकोर्ट मंगलवार, 27 जनवरी को अपना अंतिम फैसला सुनाएगा। सेंसर बोर्ड (CBFC) के साथ चल रहे प्रमाणीकरण विवाद के कारण फिल्म की रिलीज अधर में लटकी हुई है, जिससे विजय के करोड़ों प्रशंसक निराश हैं।
क्या है पूरा विवाद?
एच. विनोथ द्वारा निर्देशित इस फिल्म को मूल रूप से 9 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देनी थी। हालांकि, सीबीएफसी (CBFC) ने फिल्म के कुछ दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए इसे प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया था। निर्माताओं ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 20 जनवरी को निर्माताओं और सेंसर बोर्ड की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब मंगलवार को सुनाया जाएगा।
निर्माताओं का भावुक संदेश
केवीएन प्रोडक्शंस के वेंकट के. नारायण ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा करते हुए टीम के संघर्ष को बयां किया। उन्होंने कहा, “यह फिल्म विजय सर की सिनेमाई यात्रा की अंतिम विदाई है, जिसके लिए उन्होंने दशकों तक कड़ी मेहनत की है। देरी हमारे लिए भावनात्मक रूप से कठिन है, लेकिन हमें विश्वास है कि थलपति को वह भव्य विदाई मिलेगी जिसके वे हकदार हैं।”
राजनीति में कदम रखने से पहले आखिरी फिल्म
‘जन नायकन’ विजय के फिल्मी करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि इसके बाद वे पूर्णकालिक राजनीति में कदम रखने वाले हैं। फिल्म में पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू और प्रियामणि जैसे बड़े सितारे शामिल हैं। फिल्म के कानूनी पचड़ों में फंसने के कारण ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के साथ भी निर्माताओं की मुश्किलें बढ़ने की खबरें आई हैं।



