एक समय था जब रिमी सेन बॉलीवुड की लोकप्रिय चेहरों में शुमार थीं। 2000 के दशक की कई हिट फिल्मों में नजर आने वाली रिमी अचानक इंडस्ट्री से गायब हो गईं। फैंस के लिए यह हमेशा एक सवाल रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि उन्होंने अपने करियर के पीक पर ही फिल्मों से दूरी बना ली।
कॉमेडी क्वीन के तौर पर बनी पहचान
रिमी सेन ने अपने करियर की शुरुआत 2003 में आई Hungama से की, जिसे Priyadarshan ने निर्देशित किया था। इस फिल्म ने उन्हें रातों-रात पहचान दिलाई। उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस और कॉमिक टाइमिंग को काफी सराहा गया।
इसके बाद उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया, जैसे:
- Dhoom
- Phir Hera Pheri
- Golmaal: Fun Unlimited
इन फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड में एक भरोसेमंद और सफल अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया।

सफलता के बावजूद अचानक दूरी
इतनी सफलता और पहचान मिलने के बावजूद रिमी सेन ने धीरे-धीरे फिल्मों में काम कम कर दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने बाकी सितारों की तरह “कमबैक” की कोशिश भी नहीं की। उन्होंने पूरी तरह से फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली और लाइमलाइट से दूर एक शांत जीवन चुन लिया।
अब दुबई में नई जिंदगी
फिल्मों से दूरी बनाने के बाद रिमी सेन ने अपनी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने Dubai में शिफ्ट होकर रियल एस्टेट सेक्टर में काम शुरू किया। आज वह एक रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर काम कर रही हैं और ग्लैमर वर्ल्ड से पूरी तरह दूर हैं।
फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने की असली वजह
2025 में एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में रिमी सेन ने अपने फैसले के पीछे की असली वजह बताई। उन्होंने कहा कि बॉलीवुड में महिलाओं के लिए करियर बहुत लंबा नहीं होता।
उन्होंने इंडस्ट्री में मौजूद जेंडर असमानता पर खुलकर बात करते हुए कहा कि:
- पुरुष कलाकार दशकों तक लीड रोल में बने रहते हैं
- जबकि अभिनेत्रियों के लिए मौके सीमित हो जाते हैं
- कई एक्ट्रेसेस बाद में सपोर्टिंग या फैमिली रोल करने लगती हैं
उन्होंने उदाहरण देते हुए Salman Khan और Shah Rukh Khan जैसे स्टार्स का जिक्र किया, जो 20-30 साल बाद भी लीड रोल में नजर आते हैं।
छोटी उम्र का करियर, बड़ा फैसला
रिमी सेन के मुताबिक, बॉलीवुड में एक्ट्रेसेस का करियर अपेक्षाकृत छोटा होता है और यही एक बड़ा कारण था कि उन्होंने समय रहते खुद को अलग रास्ते पर आगे बढ़ाने का फैसला लिया।
ग्लैमर से दूरी, लेकिन अपनी शर्तों पर जिंदगी
आज रिमी सेन भले ही फिल्मों में नजर नहीं आतीं, लेकिन उन्होंने अपने जीवन को अपने हिसाब से ढाला है। उन्होंने दिखाया कि सफलता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं होती—बल्कि अपने फैसलों के साथ खुश रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।



