मुंबई। विश्व प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान ने अपने करियर और अपनी रचनात्मकता को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने स्वीकार किया कि दो ऑस्कर जीतना उनके लिए एक ‘बोझ’ जैसा महसूस होने लगा है। रहमान ने बताया कि कैसे लोगों ने उन्हें यह विश्वास दिलाने के लिए ‘गैसलाइट’ (मानसिक रूप से प्रभावित) किया कि वे अब पहले जैसा अच्छा संगीत नहीं बना रहे हैं।
“90 के दशक का जादू अब कहाँ?”—तुलना ने पहुँचाया नुकसान
‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ के साथ बातचीत में रहमान ने कहा कि अक्सर लोग उनके पास आते हैं और उनके पुराने काम की तारीफ करते हुए वर्तमान काम पर सवाल उठाते हैं।
“लोग आकर कहते हैं, ‘सर, 90 के दशक में आपने रोज़ा (1992) का संगीत दिया था, वो बहुत बेहतरीन था!’ यह सुनकर ऐसा लगता है जैसे मैं अब अच्छा काम नहीं कर रहा हूँ। अगर आप सही मानसिक स्थिति में न हों, तो यह आपकी सोच को नुकसान पहुँचाता है।”
सिद्ध करने की होड़ में कीं 20-30 फिल्में
रहमान ने बताया कि इसी दबाव और खुद को बार-बार साबित करने की जिद में उन्होंने पिछले छह वर्षों में लगभग 20 से 30 फिल्मों के लिए संगीत तैयार किया। उन्होंने इसे एक ‘रैम्पेज’ (ताबड़तोड़ काम) करार दिया। हालांकि, अब वे राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि निर्देशक अब उनकी पुरानी फिल्मों के बजाय उनके हालिया काम (जैसे मणिरत्नम की ‘ठग लाइफ’) को बेंचमार्क मान रहे हैं।
सोशल मीडिया बायो से क्यों गायब हैं ऑस्कर और ग्रैमी?
रहमान ने अपनी विनम्रता और नई शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि वे अतीत की उपलब्धियों के सहारे नहीं बैठना चाहते।
- आत्मसम्मान की लड़ाई: रहमान बोले, “मैं अपने भीतर आत्मविश्वास वापस पाना चाहता था। ऑस्कर जीतने का ख्याल आपको थका देता है और प्रेरणा खत्म कर देता है।”
- फ्रेश स्टार्ट: यही कारण है कि उनके ट्विटर या इंस्टाग्राम बायो में ऑस्कर या ग्रैमी का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा, “2026 मेरे लिए एक नई और ताज़ा शुरुआत है।”
आगामी प्रोजेक्ट्स: गांधी टॉक्स और रामायण
रहमान के प्रशंसकों के लिए आने वाला समय बेहद रोमांचक है:
- गांधी टॉक्स: विजय सेतुपति अभिनीत यह एक ‘साइलेंट ड्रामा’ है, जिसका संगीत रहमान ने दिया है। यह 30 जनवरी को रिलीज होगी।
- रामायण: नितेश तिवारी की इस भव्य फिल्म के लिए रहमान पहली बार ग्रैमी विजेता हंस ज़िमर के साथ काम कर रहे हैं। यह फिल्म दिवाली 2026 में रिलीज होगी।



