मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता राज कपूर की पेशावर स्थित सदियों पुरानी पुश्तैनी हवेली को प्रकृति की मार झेलनी पड़ी है। शुक्रवार रात आए शक्तिशाली भूकंप और पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण इस ऐतिहासिक इमारत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया है।

स्थानीय निवासियों और अधिकारियों के अनुसार, लगातार बारिश ने पहले ही ढांचे को कमजोर कर दिया था, जिसके बाद भूकंप के झटकों ने इसे और अधिक नुकसान पहुंचाया।
भूकंप के बाद हवेली की एक दीवार गिरी
‘कपूर हवेली’ के नाम से मशहूर यह इमारत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के ऐतिहासिक किस्सा ख्वानी बाजार में स्थित है। साल 2016 में पाकिस्तान सरकार ने इसे राष्ट्रीय विरासत घोषित किया था। हालांकि, उचित रखरखाव के अभाव में यह हवेली लंबे समय से जर्जर स्थिति में थी। केपीके प्रांत के विरासत परिषद के सचिव शकील वहीदुल्ला ने बताया कि भूकंप के बाद हवेली की एक दीवार गिर गई है, जिससे पूरी संरचना की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
कपूर खानदान की यादों का केंद्र
इस हवेली का निर्माण राज कपूर के दादा, दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने साल 1918 से 1922 के बीच करवाया था। यह घर कपूर खानदान के लिए बहुत महत्व रखता है:
- जन्मस्थान: यहीं पर राज कपूर और उनके चाचा त्रिलोक कपूर का जन्म हुआ था।
- वास्तुकला: अपने समय की बेहतरीन वास्तुकला वाली इस हवेली में 40 कमरे थे, जिसके बाहरी हिस्से को खूबसूरत नक्काशी और झरोखों से सजाया गया था।
- विभाजन की टीस: 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय राज कपूर का परिवार इस घर और अपनी यादों को पीछे छोड़कर भारत आ गया था।
संरक्षण की मांग तेज
शकील वहीदुल्ला ने पुरातत्व विभाग और प्रांतीय सरकार से इस ऐतिहासिक इमारत के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अब भी इसकी अनदेखी की गई, तो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को कभी न पूरी होने वाली क्षति पहुंच सकती है।
1990 के दशक में राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर और रणधीर कपूर ने भी इस हवेली का दौरा किया था और अपनी जड़ों से जुड़ने की कोशिश की थी। भले ही यह हवेली अब जर्जर हो चुकी है, लेकिन इसकी दीवारें आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े परिवार के सुनहरे सफर की गवाह हैं।



