नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय EC पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त उन लोगों को बचा रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र को नष्ट कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कर्नाटक की एक विधानसभा सीट के आंकड़ों का हवाला देकर आरोप लगाया कि किस तरह से चुन चुनकर वोटों को डिलीट किया जा रहा है। जिन लोगों के वोट डिलीट किए जा रहे हैं, वे वर्ग अमूमन विपक्षी पार्टियों को वोट करते हैं। पिछली बार की तरह ही राहुल गांधी ने दस्तावेजों के हवाले से दावा किया कि किस तरह से वोटों को एक सिस्टम के जरिए काटा जा रहा है। उन्होंने ये भी दावा किया कि जब इस मामले में कर्नाटक की सीआईडी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखे तो उनका या तो जवाब ही नहीं दिया गया और जब जवाब दिया गया तो उसमें वो जानकारी दी ही नहीं गई, जो सीआईडी ने मांगी थी।
चुनाव आयोग में हमारे आदमी हैं।
— Congress (@INCIndia) September 18, 2025
अब चुनाव आयोग के अंदर से हमें 'वोट चोरी' की जानकारी मिलने लगी है। pic.twitter.com/xDrSVwxfoy
दस्तावेजों के आधार पर दावे
राहुल गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस में आते ही कहा कि वे आज जो बताने जा रहे हैं, वह हाइड्रोजन बम नहीं है। हाइड्रोजन बम आने वाला है। लेकिन वे तब तक ऐसी जानकारियां सामने नहीं रखेंगे, जब तक उनकी सौ फीसदी पुष्टि नहीं हो जाती। वे सिर्फ ऐसी जानकारी ही सामने रखेंगे, जो ब्लैक एंड व्हाइट में हो यानी की पूरी तरह से स्पष्ट हो। गौरतलब है कि इससे पहले भी राहुल गांधी ने कर्नाटक की ही एक विधानसभा समेत कुछ इलाकों में वोटर लिस्ट में हुई हेराफेरी का मामला उठाया था।
कर्नाटक के अलंद निर्वाचन क्षेत्र का मामला
कांग्रेस नेता ने जिस विधानसभा में वोट काटने का मामला उठाया, वो कर्नाटक का अलंद निर्वाचन क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से कुल 6018 वोट काटे गए। साथ हीउन्होंने जोड़ा कि ये संख्या कहीं अधिक हो सकती है लेकिन उनके सामने छह हजार से अधिक वोटों को हटाने की जानकारी है। उन्होंने बताया कि ये मामला भी तब सामने आया, जब वहां के एक बू़ लेवल अधिकारी ने देखा कि उनके रिश्तेदार का वोट काट दिया गया। जब उसने पता लगाया तो पता चला कि उसका वोटहटाने वाला उसका पड़ोसी था। उसने पड़ोसी से पूछा तो पड़ोसी ने इससे इनकार किया। इस तरह से न तो वोट हटाने वाले व्यक्ति को इसका पता था और न ही जिसका वोट हटा, उसे ही कुछ पता था। यानी किसी और ताकत ने इस तरीके से पूरे सिस्टम को हाईजैक करके वोट हटा दिया। ये काम किसी व्यक्ति के जरिए नहीं बल्कि एक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके सेंट्रलाइज्ड तरीके से किया गया।
क्या मामला कोर्ट में ले जाया जाएगा?
जब उनसे पूछा गया कि राहुल गांधी क्या इस मामले को कोर्ट ले जाएंगे ? राहुल गांधी का जवाब था कि उनका काम लोकतंत्र की प्रक्रिया में भागीदारी का है। लोकतंत्र की रक्षा करने की जिम्मेदारी हमारी संस्थाओं की है। वे तो सिर्फ देश की जनता को इस बारे में जानकारी दे रहे हैं कि किस तरह से वोट चोरी हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा किस एक जगह नहीं बल्कि यूपी, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार समेत कई राज्यों में हो रहा है।



