पटना: बिहार में मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक ही व्यक्ति के पास दो-दो मतदाता पहचान पत्र (ईपिक) होने के मामले उजागर हो रहे हैं। चुनाव आयोग ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। यह दो आधार कार्ड रखने जितना ही गंभीर अपराध है, जिसके लिए जुर्माना और जेल की सजा दोनों हो सकती हैं।चुनाव आयोग इस मामले को लेकर गंभीर है और एसआईआर की लगातार निगरानी कर रहा है। आयोग हर शिकायत और गलत जानकारी की जाँच कर रहा है।
क्या है एसआईआर की प्रक्रिया:-
- पहला चरण
एसआईआर के तहत पहले चरण में, गणना फॉर्म का वितरण और उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। - दूसरा चरण
अब दूसरे चरण में, दावा और आपत्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस चरण में लोग मतदाता सूची में सुधार के लिए अपनी आपत्ति या सुझाव दे सकते हैं।
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चुनाव आयोग का कहना है कि दो मतदाता पहचान पत्र रखने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कदम मतदाता सूची को त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।



