नई दिल्ली: बिहार में चल रहे मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच भाजपा ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया है कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी भारत की नागरिकता मिलने से पहले ही दो बार मतदाता सूची में शामिल हो गईं थीं। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी SIR अभियान को लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर “वोट चोरी” का आरोप लगा रहे हैं।
मालवीय का सोशल मीडिया पोस्ट और गंभीर आरोप
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक लंबा पोस्ट लिखकर यह दावा किया। उन्होंने लिखा, “सोनिया गांधी का नाम भारत की मतदाता सूची में जोड़े जाने के चुनावी कानूनों के घोर उल्लंघनों से भरा हुआ है।” मालवीय ने आरोप लगाया कि शायद यही कारण है कि राहुल गांधी “अयोग्य और अवैध मतदाताओं को नियमित करने के पक्ष में हैं और SIR का विरोध कर रहे हैं।”
मालवीय ने अपनी पोस्ट में दो घटनाओं का जिक्र किया
- पहली बार 1980 में: मालवीय के अनुसार, सोनिया गांधी का नाम पहली बार 1980 में मतदाता सूची में जोड़ा गया था। उस समय वह एक इतालवी नागरिक थीं और उन्हें भारतीय नागरिकता नहीं मिली थी। उस दौरान उनका परिवार तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आधिकारिक निवास 1, सफदरजंग रोड पर रहता था। मालवीय का दावा है कि यह एंट्री चुनाव कानून का स्पष्ट उल्लंघन थी, क्योंकि मतदाता के रूप में पंजीकरण के लिए भारतीय नागरिक होना आवश्यक है।
- दूसरी बार 1983 में: भारी विरोध के बाद, 1982 में सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था। लेकिन मालवीय के मुताबिक, 1983 में उनका नाम फिर से वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया गया। मालवीय ने इस पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 1 जनवरी, 1983 की अर्हता तिथि वाले नए संशोधन में उनका नाम दर्ज था, जबकि उन्हें भारत की नागरिकता 30 अप्रैल, 1983 को मिली थी। इस तरह, कानूनी रूप से नागरिकता मिलने से महीनों पहले उनका नाम वोटर लिस्ट में था। मालवीय ने अपने पोस्ट में पूछा, “दूसरे शब्दों में कहें तो, सोनिया गांधी का नाम बुनियादी नागरिकता की जरूरत पूरी किए बिना दो बार मतदाता सूची में दर्ज हुआ।” उन्होंने यह भी पूछा कि राजीव गांधी से शादी के 15 साल बाद सोनिया गांधी ने भारतीय नागरिकता स्वीकार करने में इतनी देरी क्यों की।
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राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार
अमित मालवीय का यह दावा ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी SIR अभियान को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर लगातार हमलावर हैं। राहुल गांधी ने पिछले हफ्ते लोकसभा में आरोप लगाया था कि SIR के जरिए “वोट चोरी” की जा रही है। उन्होंने कहा था कि इसके लिए पांच तरीके अपनाए जा रहे हैं, डुप्लिकेट मतदाता, फर्जी पते वाले मतदाता, एक ही पते पर थोक में मतदाता, अमान्य फोटो वाले मतदाता, और नए मतदाताओं के फॉर्म 6 का दुरुपयोग शामिल हैं। मंगलवार को भी राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर “एक व्यक्ति, एक वोट” के सिद्धांत को लागू नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि “अभी पिक्चर बाकी है”। उन्होंने दावा किया कि SIR के कारण बड़ी संख्या में नागरिक, विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोग, मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। भाजपा का यह नया आरोप अब SIR विवाद को एक नई दिशा दे सकता है, जहां कांग्रेस के आरोपों का जवाब गांधी परिवार से जुड़े पुराने मामलों को उठाकर दिया जा रहा है। इस दावे पर कांग्रेस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।



