नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने अपने 100 साल पूरे होने की खुशी में शताब्दी वर्ष की शुरुआत की। इस मौके पर आयोग ने एक नया लोगो और विशेष शताब्दी लोगो लॉन्च किया। नए लोगो में राष्ट्रीय प्रतीक को केंद्र में रखा गया है, जो देश सेवा, कर्तव्य और सम्मान का प्रतीक है। इसके चारों ओर बरगद के पत्तों की माला है, जो ज्ञान, धैर्य और स्थायित्व का संदेश देती है। लोगो के नीचे लिखा ‘संग लोक सेवा’ आयोग के राष्ट्र के प्रति समर्पण को दर्शाता है। यह डिजाइन यूपीएससी की विरासत और भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता को जोड़ता है।
शताब्दी लोगो: प्रगति का प्रतीक
शताब्दी लोगो में तरंग जैसी आकृति शामिल है, जो आयोग की सौ साल की यात्रा में प्रगति, लचीलापन और समय के साथ बदलाव को दर्शाती है। इस लोगो में ‘100’ अंक के अंतिम ‘0’ में यूपीएससी का प्रतीक समाहित है। यह लोगो न केवल आयोग की उपलब्धियों का उत्सव है, बल्कि भारत के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में इसके योगदान को भी रेखांकित करता है। यह डिजाइन युवाओं को प्रेरित करने और आयोग की गौरवशाली यात्रा को उजागर करने का एक शानदार प्रयास है।
‘माय यूपीएससी इंटरव्यू’ पहल
यूपीएससी ने शताब्दी वर्ष को खास बनाने के लिए ‘माय यूपीएससी इंटरव्यू: फ्रॉम ड्रीम टू रियलिटी’ नामक एक अनूठी पहल शुरू की। इस पहल के तहत वर्तमान और पूर्व सिविल सेवक अपने इंटरव्यू अनुभव साझा कर सकते हैं। यह पोर्टल (innovateindia.mygov.in/upsc/) 31 दिसंबर 2025 तक खुला रहेगा। चुने गए अनुभवों को 2026 में शताब्दी वर्ष के दौरान प्रकाशित किया जाएगा। यह पहल न केवल नए अभ्यर्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि उन्हें इंटरव्यू प्रक्रिया की गहराई से समझ भी प्रदान करेगी।
लाइव टाउनहॉल: अभ्यर्थियों से सीधा संवाद
आयोग के चेयरमैन डॉ. अजय कुमार ने इस अवसर पर पहली बार लाइव वर्चुअल टाउनहॉल का आयोजन किया, जिसमें अभ्यर्थियों से सीधा संवाद हुआ। यह कदम यूपीएससी की पारदर्शिता और समावेशिता को दर्शाता है। यह पहल युवाओं के बीच आयोग की पहुंच को और मजबूत करेगी।



