नई दिल्ली: NEET UG Counselling 2025: NEET UG काउंसलिंग वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से मेडिकल और डेंटल कोर्स जैसे MBBS और BDS में दाखिला मिलता है। यह प्रक्रिया आपके NEET रैंक, कट-ऑफ, श्रेणी और उपलब्ध सीटों के आधार पर कॉलेज आवंटन करती है। काउंसलिंग दो स्तरों पर होती है: 15% ऑल इंडिया कोटा (AIQ) और 85% राज्य कोटा। AIQ की काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा mcc.nic.in पर आयोजित होती है, जबकि राज्य कोटा काउंसलिंग संबंधित राज्य सरकारें अपने पोर्टल्स के जरिए संचालित करती हैं। यह प्रक्रिया जुलाई 2025 से शुरू होने की उम्मीद है और इसमें चार राउंड शामिल हैं: राउंड 1, राउंड 2, मॉप-अप और स्ट्रे वैकेंसी राउंड।
काउंसलिंग के लिए जरूरी स्टेप्स
NEET UG 2025 काउंसलिंग में भाग लेने के लिए सबसे पहले MCC या राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के बाद, आपको अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स की प्राथमिकता सूची बनानी होगी। यह सूची रैंक और सीट उपलब्धता के आधार पर कॉलेज आवंटन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आवंटन के बाद, आपको निर्धारित समय में कॉलेज में उपस्थित होकर दस्तावेज सत्यापन कराना होगा। समय पर दस्तावेज जमा न करने पर सीट रद्द हो सकती है।
आवश्यक दस्तावेजों की सूची
- NEET UG 2025 स्कोरकार्ड और रैंक लेटर
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट और प्रमाणपत्र
- जन्म तिथि प्रमाणपत्र (जैसे 10वीं प्रमाणपत्र)
- आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो (8, वही जो NEET आवेदन में इस्तेमाल की गई)
- श्रेणी प्रमाणपत्र (SC/ST/OBC/PwD, यदि लागू हो)
- डोमिसाइल प्रमाणपत्र (राज्य कोटा के लिए)
- सीट आवंटन पत्र
- गैप एफिडेविट (यदि 12वीं के बाद गैप हो)
एफिडेविट का महत्व
एफिडेविट एक शपथ पत्र है, जो यह घोषणा करता है कि आपने पहले किसी अन्य कॉलेज में MBBS/BDS सीट नहीं ली है। यह 10 या 20 रुपये के नॉन-जुडिशियल स्टांप पेपर पर नोटरी द्वारा सत्यापित होना चाहिए। इसमें छात्र का नाम, रोल नंबर, और काउंसलिंग राउंड जैसी जानकारी शामिल होती है। यह दस्तावेज पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और गलत जानकारी देने पर सीट रद्द हो सकती है।



