रुद्रपुर: नकली किताबों के बड़े जखीरे के बाद एसआईटी (विशेष जांच दल) अब उन चार ट्रांसपोर्टरों की तलाश कर रही है, जिनके माध्यम से NCERT किताबें दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड सहित देश के अन्य राज्यों में सप्लाई की जाती थी।
जांच के मुख्य बिंदु:
बड़ी बरामदगी: पुलिस ने किरतपुर कोलड़ा स्थित एक गोदाम से लगभग 10 लाख नकली किताबें बरामद की थी।
मेरठ कनेक्शन: जांच में सामने आया है कि मेरठ की चार प्रमुख ट्रांसपोर्ट कंपनियां इन किताबों को अलग-अलग राज्यों में भेजने में शामिल थीं। एसआईटी अब इन ट्रांसपोर्टरों से पूछताछ कर यह पता लगाएगी कि अब तक कितनी और कहां -कहां ये किताबें भेजी जा चुकी हैं।
फरार आरोपियों की तलाश: एसआईटी मुख्य आरोपी के साथ-साथ चाचा-भतीजे समेत चार संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
कानूनी कार्रवाई: NCERT के सहायक उत्पादन अधिकारी दीपक कुमार की शिकायत पर गोदाम स्वामी राजेश कुमार जैन, संचालक संदीप और शाहरुख के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
अभिभावकों और छात्रों के लिए प्रभाव
नकली किताबों में न केवल जानकारी गलत होने का खतरा रहता है, बल्कि कागज की गुणवत्ता भी खराब होती है। एसआईटी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि बाजार में पहले से पहुंच चुकी इन नकली किताबों को वापस लिया जा सके।



