अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है और अगले 15 दिनों में जांच पूरी कर सच्चाई सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी पाया जाता है तो वह चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
राम मंदिर को बदनाम करने की कोशिशों से सावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम ने मर्यादा का संदेश दिया है और रामभक्तों को भी संयम बनाए रखना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी तरह की अनर्गल टिप्पणी से बचें और अयोध्या तथा राम मंदिर को बदनाम करने की कोशिशों से सावधान रहें। योगी ने कहा कि यदि किसी के पास मामले से संबंधित कोई साक्ष्य है तो वह एसआईटी को उपलब्ध कराए।
सपा और कांग्रेस पर हमला
संबोधन में योगी ने विपक्ष खासकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज रामभक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं, वही अतीत में कारसेवकों पर गोली चलवा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया था और सुप्रीम कोर्ट में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे।
क्या है पूरा विवाद
इस विवाद की शुरुआत 7 जून को हुई थी, जब समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके पवन पांडेय ने आरोप लगाया था कि राम मंदिर के चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपये तक की चोरी हुई है। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की थी। हालांकि, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि अब तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है।
पीएमओ का दखल
विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। इसके अगले दिन प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने मंदिर ट्रस्ट से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की थी।
चढ़ावा विवाद में अब तक पांच लोगों लव, कुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू के नाम सामने आए हैं। जांच एजेंसियों ने इनकी निशानदेही पर अब तक करीब दो करोड़ रुपये की बरामदगी की है। सभी आरोपी दान राशि की गिनती से जुड़े कार्य में तैनात थे। 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ था, हालांकि उसकी मात्रा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।



