कोलकाता: पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आज पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल बेहद सक्रिय और उत्साहपूर्ण नजर आया। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने राज्य के विभिन्न जिलों और महकमा कार्यालयों में अपने नामांकन पत्र भव्य शोभायात्राओं, विशाल रैलियों और भारी जनसमर्थन के बीच दाखिल किए।
राज्यभर में उत्साह और विशाल रैलियों का माहौल
राज्य के डोमकल, तेहट्टा, तमलुक, खड़गपुर, मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, दिनहाटा, तूफानगंज, जलपाईगुड़ी, इस्लामपुर, कालिम्पोंग, दार्जिलिंग, मालदा, जंगीपुर और बहारामपुर जैसे कई क्षेत्रों में नामांकन प्रक्रिया के दौरान बड़े जनसमूह देखने को मिले। जगह-जगह निकली शोभायात्राओं में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भागीदारी ने पूरे माहौल को चुनावी रंग में रंग दिया।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से बढ़ा उत्साह
इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रमों को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। इनमें जगन्नाथ सरकार, अभिजीत गंगोपाध्याय, शुभेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, लॉकेट चटर्जी, सोनाली मुर्मू, अनुराग ठाकुर, समिक भट्टाचार्य, सुकांत मजूमदार और खगेन मुर्मू सहित कई प्रमुख नेता शामिल रहे, जो अलग-अलग स्थानों पर नामांकन कार्यक्रमों में उपस्थित रहे।
जलपाईगुड़ी जिले के मयनागुड़ी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार डालीम राय के नामांकन के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए। वहीं झाड़ग्राम में नामांकन प्रक्रिया के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। खड़गपुर में नामांकन से पहले निकाली गई शोभायात्रा में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, शुभेंदु अधिकारी और दिलीप घोष भी शामिल हुए।
भारी जनसमर्थन का दावा
पूरे राज्य में देखने को मिली इस व्यापक भागीदारी और जनसमर्थन को भाजपा ने जनता के बदलते राजनीतिक रुझान के रूप में प्रस्तुत किया है। पार्टी का कहना है कि लोगों में परिवर्तन की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है और वे विकास, सुशासन तथा पारदर्शी प्रशासन की अपेक्षा के साथ भाजपा के साथ जुड़ रहे हैं।
भाजपा ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वह पश्चिम बंगाल में कानून का राज स्थापित करने, विकास को गति देने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी का मानना है कि आज का जनसैलाब आने वाले चुनाव में बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है, जिससे राज्य की दिशा और दशा दोनों में परिवर्तन संभव है।



