नई दिल्ली। कोलकाता में 8 जनवरी को हुए आई-पैक रेड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार से दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
जांच में दखल न दे सरकार
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने की। पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ईडी द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और राज्य सरकार को जांच एजेंसी के कामकाज में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केंद्रीय एजेंसी को अपना काम करने दिया जाए। अगर वे किसी गंभीर अपराध की ईमानदारी से जांच कर रही हैं, तो क्या उन्हें राजनीतिक कारणों से रोका जा सकता है?
ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 3 फरवरी को अगली सुनवाई तक ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर भी अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि इस प्रकरण में कुछ बड़े संवैधानिक और प्रशासनिक सवाल जुड़े हैं, जिनका समाधान आवश्यक है, अन्यथा अराजक स्थिति पैदा हो सकती है।
आई-पैक और टीएमसी आईटी हेड पर छापे का मामला
ईडी ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस के आईटी प्रमुख और राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के निदेशक प्रतीक जैन के आवास और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि छापे के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं बंगाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचीं और कथित तौर पर कुछ दस्तावेज अपने साथ ले गईं।
3 फरवरी को फिर होगी सुनवाई
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को की जाएगी और तब तक सभी पक्षों से विस्तृत जवाब मांगा गया है।



