नई दिल्ली: बाबा चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी को लड़कियों के यौन शोषण मामले में आगरा से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। चैतन्यानंद पर एक या दो नहीं, बल्कि दर्जनभर से ज्यादा छात्राओं ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोपी बाबा लंबे समय से छात्राओं को अच्छी प्लेसमेंट का झांसा देकर उनके साथ खिलवाड़ कर रहा था।
होटल फर्स्ट बना ठिकाना
पुलिस जांच में सामने आया कि फरार चल रहा चैतन्यानंद आगरा के ताजगंज इलाके के होटल होम फर्स्ट में छिपा हुआ था। होटल के रूम नंबर 101 को उसने अपना अड्डा बना रखा था यहीं से वह रात में छात्राओं को बुलाता और उन्हें लालच देकर फंसाने की कोशिश करता था। उसके खिलाफ 4 अगस्त को दिल्ली के वसंतकुंज थाने में मामला दर्ज किया गया था और तभी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
देर रात बाबा पर कसा शिकंजा
शनिवार की देर रात 3 बजकर 30 मिनट पर अचानक होटल के बाहर पुलिस की हलचल बढ़ गई। टीम ने होटल को घेरा और सीधे रूम नंबर 101 में पहुंच गई। बाबा बिना ज्यादा विरोध किए पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसे वसंत कुंज थाना में रखा गया है। उसके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। गिरफ्तार करने के बाद उसे सीधे दिल्ली लाया गया।
काले कारनामों का खुला राज
स्वामी चैतन्यानंद की गिरफ्तारी के साथ उसकी काली दुनिया का सच सामने आ गया है। पीड़िताओं की शिकायत और पुलिस की सख्ती ने दिखा दिया कि चाहे कोई कितना भी बड़ा गुरु क्यों न बने, पाप का घड़ा एक दिन जरूर फूटता है। अब दिल्ली पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है और केस में बड़े खुलासे होने की संभावना है



