नई दिल्ली: दिल्ली की नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पुराने आधिकारिक बंगले (6, फ्लैगस्टाफ रोड, सिविल लाइन्स)-जिसे भाजपा ‘शीशमहल’ कहती है-को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला किया है। करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आलीशान और विवादित बंगले को अब दिल्ली सरकार के पहले ‘स्टेट गेस्ट हाउस’ (राज्य अतिथि गृह) और एक अत्याधुनिक ‘कल्चरल सेंटर’ (सांस्कृतिक केंद्र) में तब्दील किया जाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विधानसभा में इस फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि जनता के खून-पसीने की कमाई से बने इस परिसर का इस्तेमाल अब वीवीआईपी मेहमानों के ठहरने और सरकारी बैठकों के लिए किया जाएगा। राजनीतिक विवादों के केंद्र रहे इस बंगले में एक बड़ा ‘पब्लिक ट्विस्ट’ भी जोड़ा गया है; इसके एक हिस्से में आम जनता के लिए पारंपरिक व्यंजनों वाली एक पब्लिक कैंटीन खोली जाएगी, जहां लोग बेहद वाजिब दामों पर भोजन का आनंद ले सकेंगे।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुताबिक, इस टाइप-VIII बंगले को प्रशासनिक और सार्वजनिक उपयोग में लाने का प्रस्ताव अंतिम चरण में है। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा सरकार के इस कदम को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया है। हालांकि, रेखा सरकार के इस फैसले से अब इस भव्य इमारत के बाहर जल्द ही ‘मुख्यमंत्री आवास’ की जगह ‘दिल्ली राजकीय अतिथि गृह एवं सांस्कृतिक केंद्र’ का नया बोर्ड देखने को मिलेगा।



