नई दिल्ली। हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुन लिए गए हैं। शुक्रवार को सदन में उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। विपक्ष की ओर से किसी भी अन्य उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आया था। उनके निर्वाचन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके अनुभव और सदन के प्रति उनके योगदान की सराहना की और आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
2032 तक बने रहेंगे
हरिवंश का पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था। इस बार उनकी पार्टी जदयू (JDU) ने उनका नाम प्रस्तावित नहीं किया था, जिसके बाद राष्ट्रपति ने उन्हें सदन के लिए मनोनीत किया। पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के रिटायर होने से खाली हुई सीट पर हरिवंश को चुना गया है। अब 69 वर्षीय हरिवंश वर्ष 2032 तक राज्यसभा के सदस्य बने रहेंगे। ज्ञात हो कि राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा 12 सदस्य मनोनीत किए जाते हैं, जो कला, साहित्य, विज्ञान और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों से आते हैं।
पीएम मोदी ने पहले ही दिए थे संकेत
प्रधानमंत्री मोदी ने 18 मार्च को बजट सत्र के दौरान ही हरिवंश की वापसी के संकेत दे दिए थे। सांसदों के विदाई समारोह में पीएम ने कहा था कि हरिवंश की राजनैतिक पारी अभी खत्म नहीं हुई है और वे आगे भी जनहित में काम करते रहेंगे। पत्रकारिता से राजनीति में आए हरिवंश इससे पहले 2018 और 2020 में भी उपसभापति चुने जा चुके हैं। अब तीसरी बार इस पद को संभालकर वे सदन की कार्यवाही का संचालन करेंगे।



