नई दिल्ली: दिल्ली में जैतपुर हादसे का मातम अभी पूरी तरह से खत्म भी नहीं हुआ था कि एक और त्रासदी की खबर आ गई। कड़कड़डूमा स्थित कॉसमॉस अस्पताल में लगी भीषण आग में एक शख्स की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। इन दो बड़ी घटनाओं ने एक बार फिर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आग लगने का कारण और बचाव कार्य
यह हादसा दोपहर के वक्त हुआ, जब अस्पताल में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद पूरे अस्पताल में धुआं भर गया, जिससे मरीजों को बाहर निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 8 गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।
दमकलकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर अस्पताल में फंसे मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी घायल मरीजों को इलाज के लिए पास के दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दौरान, एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है।
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जैतपुर हादसे के बाद दूसरा बड़ा हादसा
यह घटना दिल्ली के लिए एक ही दिन में दूसरा बड़ा हादसा है। सुबह ही दिल्ली के जैतपुर के हरिनगर में मोहन बाबा मंदिर के पास एक पुरानी दीवार गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद अब अस्पताल में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर और भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन इन दोनों ही घटनाओं की जांच कर रहा है। दमकल विभाग और पुलिस की टीमें अभी भी मौके पर मौजूद हैं और आगे की कार्रवाई कर रही हैं। इन हादसों ने एक बार फिर दिल्ली की जर्जर और पुरानी इमारतों के साथ-साथ सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा के इंतजामों की कमी को उजागर किया है।



